मनमोहन ने 19 मंत्रियों के साथ ली प्रधानमंत्री पद की शपथ (लीड-3)
राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में आयोजित एक सादे समारोह में राष्ट्रपति ने जब डा. मनमोहन सिंह को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मनमोहन सिंह ने अंग्रेजी में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद मनमोहन सिंह पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार इस पद पर दूसरी बार आसीन हुए हैं।
अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में 26 सितम्बर 1932 को जन्में डा. मनमोहन सिंह ने पांच साल पहले भी 22 मई के दिन ही पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
मनमोहन सिंह के साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में सबसे पहले प्रणब मुखर्जी थे। मुखर्जी के बाद क्रमश: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार, ए. के. एंटनी, पी. चिदम्बरम, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, एस. एम. कृष्णा, गुलाम नबी आजाद, सुशील कुमार शिंदे, एम. वीरप्पा मोइली, एस. जयपाल रेड्डी, कमलनाथ, वायलार रवि, मीरा कुमार, मुरली देवड़ा, कपिल सिब्बल, अंबिका सोनी, बी. के. हांडिक, आनंद शर्मा और सी. पी. जोशी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ ली।
शरद पवार, कमलनाथ, मीरा कुमार और सी. पी. जोशी ने हिन्दी में जबकि शेष मंत्रियों ने अंग्रेजी में शपथ ली।
मनमोहन सिंह की कैबिनेट में चार नए चेहरों को शामिल किया गया है। उनकी सरकार में ममता बनर्जी, एस. एम. कृष्णा, एम. वीरप्पा मोइली और सी. पी. जोशी पहली बार मंत्री बने हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, राज्यसभा के उपसभापति रहमान खान, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका गांधीऔर उनके पति राबर्ट वाड्रा तथा योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया सहित कई जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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