ग्वांतानामो: ओबामा को भारी धक्का

अमरीकी सीनेट ने भारी बहुमत से ग्वांतानामो बे जेल बंद करने के लिए पैसा देने और इसके बंद होने के बाद क़ैदियों को अमरीका भेजने की राष्ट्रपति बराक ओबामा की योजना को ख़ारिज कर दिया है.
इस प्रस्ताव के पक्ष में छह और इसके ख़िलाफ़ 90 वोट पड़े हैं.
क़ैदियों को अमरीका लाने पर चिंता
एक अलग कदम में ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई के अध्यक्ष रॉबर्ट मुलर ने अमरीका की एक संसदीय समिति को बताया है कि उन्हें चिंता है कि 'यदि ग्वांतानामों बे के क़ैदियों को अमरीका आने दिया जाता है तो वे आतंकवाद को समर्थन और कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा दे सकते हैं.'
अमरीका की प्रतिनिधिसभा पहले ही राष्ट्रपति की ग्वांतानामो के बारे में योजना को ख़ारिज कर चुकी है. राष्ट्रपति ओबामा को अब अपनी योजना पर पुनर्विचार करना होगा लेकिन ओबामा प्रशासन ज़ोर देकर कह रहा है कि ये जेल जनवरी में ही बंद की जाएगी बीबीसी संवाददाता जोन डोनिसन
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ग़ौरतलब है कि गुरुवार को राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अगले साल जनवरी में ग्वांतानामों बे को बंद करने की अपनी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देनी है.
वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जोन डोनिसन का कहना है, "अमरीका की प्रतिनिधिसभा पहले ही राष्ट्रपति की ग्वांतानामो के बारे में योजना को ख़ारिज कर चुकी है. राष्ट्रपति ओबामा को अब अपनी योजना पर पुनर्विचार करना होगा लेकिन ओबामा प्रशासन ज़ोर देकर कह रहा है कि ये जेल जनवरी में ही बंद की जाएगी."
उनका कहना है कि ग्वांतानामो में अभी भी 240 क़ैदी हैं लेकिन अमरीका की सरकार इस असमंजस में है कि उनके साथ क्या किया जाए.
रिपब्लिकन और डेमोक्रैट सीनेटर इस बात से चिंतित है कि यदि इन क़ैदियों को अमरीका लाया जाता है तो उन्हें उनके चुनावी क्षेत्रों में भेजा जा सकता है .


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