कश्मीर में हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त
फारुक की 21 मई 1990 को उनके घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर की दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारत रहे।
श्रीनगर में सरकारी दफ्तर, शैक्षणिक संस्थान और बैंक भी बंद रहे। सरकार ने कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
गुरुवार को ही अलगाववादी नेता अब्दुल गनी लोन की पुण्य तिथि है। 2002 में मीरवाइज की 12वीं पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे लोन की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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