आफ़ताब अंसारी को आजीवन कारावास

पार्थो रॉय बर्मन देश की प्रमुख जूता कंपनी ख़ादिम के मालिक हैं. उनका 25 जुलाई 2001 को पूर्वी कोलकाता के तिलजाला इलाक़े से अपहरण कर लिया गया था.
करोड़ों की फिरौती
कोलकाता की अलीपुर अदालत के दूसरे अतिरिक्त ज़िला न्यायाधीश विश्वरूप मुखर्जी ने इस मामले में आफ़ताब अंसारी, अब्दुल रहमान कुंजी, मोहम्मद शौकत, हैप्पी सिंह और आशिक़ अली को अपहरण और अपहरण की योजना बनाने का दोषी पाया.
सज़ा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा, "आफ़ताब अंसारी ने पार्थो रॉय बर्मन को रिहा करने के लिए दो अगस्त 2001 को पाँच करोड़ रुपए की फ़िरौती की माँग की थी."
न्यायाधीश ने कहा कि दुबई आधारित चरमपंथी नेता और अपहरणकर्ता ने जितने रुपयों की माँग की थी, उनमें से क़रीब 75 फ़ीसदी उन्हें मिल गए थे.
आफ़ताब अंसारी ने पार्थो रॉय बर्मन को रिहा करने के लिए दो अगस्त 2001 को पाँच करोड़ रुपए की फ़िरौती की माँग की थी विश्वरूप मुखर्जी, न्यायाधीश
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आफ़ताब अंसारी और उनके सहयोगी जमालुद्दीन नासिर को कोलकाता के अमरीकी सेंटर पर 22 जनवरी 2002 को हुई गोलीबारी की योजना बनाने में मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है.
इन लोगों पर हत्या और भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के आरोप थे और इसमें अधिकतम सज़ा मृत्युदंड थी.
इस हमलें में पाँच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और सत्रह अन्य ज़ख़्मी हो गए थे. दोनों ने फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में अपील कर रखी है.
अंसारी को कोलकाता में अमरीकी सेंटर पर हुई गोलीबारी के बाद बढ़े अमरीकी दबाव के बाद दुबई में गिरफ़्तार कर भारत को प्रत्यर्पित कर दिया गया था.
आफ़ताब अंसारी उस समय से ही कोलकाता की एक जेल में बंद हैं.


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