वाईएसआर रेड्डी: एक डाक्टर जो पहचानता है जनता की नब्ज

हैदराबाद, 20 मई (आईएएनएस)।आंध्र प्रदेश में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकार्ड बनाने वाले येदुगुरी संदिन्ति राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) एक प्रशिक्षित डाक्टर हैं और इन नाते उन्हें जनता की नब्ज पहचानने में महारत हासिल है।

एन.टी.रामाराव के 1980 में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के गठन के बाद वाईएसआर राज्य में कांग्रेस के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने सत्ता में रहते हुए दूसरी बार सरकार बनाने का जनादेश प्राप्त किया।

पिछले सप्ताह रेड्डी के नाम एक और रिकार्ड दर्ज हुआ। वे प्रदेश के इतिहास में पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।

रेड्डी के नाम एक और रिकार्ड दर्ज है कि वे कभी चुनाव नहीं हारे। प्रदेश में विधानसभा के लिए वे पांचवी बार चुने गए हैं। इससे पहले वे चार बार लोकसभा का चुनाव भी जीत चुके हैं।

रेड्डी ने विधानसभा चुनाव में अन्य दलों की तरह न तो मुफ्त में टेलीविजन सेट देने की बात कही न ही नोट बांटे और न ही फिल्म स्टारों के ग्लैमर की मदद ली। इसके बावजूद उन्होंने साबित किया कि वह जनता में लोकप्रिय हैं।

विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कोई बड़े वादे नहीं किए। इसकी जगह उन्होंने अब तक किए गए काम को गिनाया जिससे उनकी विश्वसनीयता बरकरार रही।

रेड्डी का जन्म कड्डपा जिले के एक छोटे शहर पुलीवेंडुला में एक मध्यवर्गीय परिवार में 8 जुलाई 1949 को हुआ। अपने समय में एक तेजतर्रार स्थानीय नेता रहे वाई.एस. राजा रेड्डी के पांच बेटों में वाईएसआर सबसे बड़े हैं।

वाईएसआर जिन दिनों कर्नाटक के गुलबर्ग स्थित एम.आर. मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे उन्हीं दिनों उनकी रुचि राजनीति बढ़ी।

एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वाईएसआर ने जम्मलामडुगु मिशन अस्पताल में छोटी अवधि के लिए चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्य किया। वर्ष 1973 में उन्होंने 70 बिस्तर वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना की।

वाईएसआर सक्रिय राजनीति में वर्ष 1978 में आए और उन्होंने पुलिवेंडुला से विधानसभा का चुनाव जीता। वे 1980 से 1983 तक प्रदेश में मंत्री रहे। वे वर्ष 1983 में भी चुनाव जीतने में सफल रहे जब एनटीआर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

वाईएसआर की प्रतिभा को पहचानते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें महज 34 वर्ष की उम्र में प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया था। 1989 में वे कड्डपा क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए और इस सीट पर वह 1999 तक जीतते रहे।

वर्ष 1998 से 2000 तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे। हालांकि कांग्रेस 1999 का विधानसभा चुनाव हार गई लेकिन वाईएसआर मजबूत नेता के रूप में उभरे और नेता विपक्ष की भूमिका निभाई।

इस बार कांग्रेस ने आंध्रप्रदेश विधानसभा की 294 सीटों में से 156 सीटें जीती है। इसी तरह लोकसभा की 42 सीटों में से 33 पर जीत हासिल की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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