विश्व समुदाय ने श्रीलंका में लड़ाई समाप्ति होने का स्वागत किया
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम(लिट्टे) के खिलाफ अभियान चलाने वाले सुरक्षा बलों के सम्मान में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए टीवी और रेडियो पर कई कार्यक्रम प्रसारित किए गए।
राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे भी मंगलवार रात को 25 साल से ज्यादा अर्से तक चले संघर्ष की समाप्ति के मौके पर आयोजित समारोह में शरीक हुए।
रूस ने लिट्टे की पराजय की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि उसने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में उसने सरकार का साथ दिया। ईरान के विदेश मंत्री मनोचहर मोत्ताकी ने भी श्रीलंका के विदेश मंत्री रोहिता बोगलागामा को फोन पर बधाई दी।
अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता इयान कैली ने कहा कि उनका देश हाल के संघर्ष के दौरान बेघर हुए लाखों नागरिकों के पुनर्वास को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में उत्तरी श्रीलंका में नागरिकों को बहुत तकलीफें पहुंची हैं तथा बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि लड़ाई थम जाने से अब नागरिकों को और नुकसान नहीं पहुंचेगा।
उन्होंने श्रीलंका सरकार से शरणार्थी शिविरों में राहत कर्मियों को जाने की इजाजत देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सरकार श्रीलंकाई नागरिकों की बुनियादी जरूरते पूरी करने में हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।
इस बीच सोमवार को हुए लड़ाई के आखिरी दौर में 450 विद्रोही मारे गए और उनके शव बरामद किए जा रहे हैं। लिट्टे की समुद्री इकाई के प्रमुख सूसई का शव भी मंगलवार को बरामद कर लिया गया। वह उन 18 व्यक्तियों के समूह में था जो लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन के साथ मारे गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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