झारखंड के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की नजर मंत्री पद पर
राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने संप्रग सरकार का समर्थन कर सभी को चौंका दिया है।
वर्ष 2006 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अलग हुए मरांडी ने जेवीएम-पी का गठन किया था और राज्य में संप्रग और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का विकल्प बनने की कोशिश की थी।
कोडरमा लोकसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने वाले मरांडी की पार्टी राज्य में और कहीं वियजी नहीं हुई है।
मरांडी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने केंद्र में एक स्थायी सरकार के लिए समर्थन दिया है।
राज्य के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि उन्हें कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने समर्थन के लिए फोन किया था। वह सिंहभूम निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय विजयी हुए हैं। उन्होंने ने मंगलवार शाम को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।
हालांकि राज्य के कांग्रेसी नेता कोड़ा को मंत्री पद देने का विरोध कर रहे हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने भी संप्रग सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। सोरेन दुमका लोकसभा सीट से विजयी हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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