संप्रग ने मंत्री पद पर चर्चा की, सोनिया अध्यक्ष चुनी गईं (लीड-1)
सहयोगी दलों से समर्थन के पत्र प्राप्त होने के बाद संभावना है कि संप्रग बुधवार को शाम तक राष्ट्रपति के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर देगा। सूत्रों का कहना है कि नई सरकार को शुक्रवार को शपथ दिलाई जा सकती है।
सोनिया के आवास 10 जनपथ पर हुई बैठक में कार्यवाहक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित संप्रग के सभी प्रमुख नेता शरीक हुए। संसदीय चुनावों में संप्रग ने 263 सीटें हासिल की हैं।
बैठक में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रमुख एम. करुणानिधि, दयानिधि मारन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल तथा नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता फारुक अब्दुल्ला ने हिस्सा लिया।
सोनिया और मनमोहन के अलावा कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी, पी. चिदंबरम, ए. के. एंटनी और राहुल गांधी शामिल हुए।
बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने कहा, "सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि सोनिया और मनमोहन सिंह एक साथ राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।"
19 सांसदों के साथ तृणमूल कांग्रेस संप्रग की सबसे बड़ी सहयोगी है।
उन्होनें कहा, "हमने राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। मैंने कहा कि एक न्यूनमत साझा एजेंडा होना चाहिए और एक ऐसी समिति बननी चाहिए जो सभी दलों की बातों को सुन सके।"
अब्दुल्ला ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, "हमने बिना शर्त समर्थन दिया है। नेकां संप्रग की सहयोगी है और वहींबने रहने की इच्छुक है।"
पार्टी की ओर से मंत्री पद की मांग किए जाने संबंधी रपटों को खारिज करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थो वाले लोगों ने नेकां की छवि खराब करने की कोशिश की है।
बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने संप्रग के अध्यक्ष पद के लिए सोनिया के नाम का प्रस्ताव रखा और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने इसका समर्थन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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