श्रीलंका के राष्ट्रपति ने जीत का ऐलान किया

उन्होंने कहा कि श्रीलंका को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) के आतंकवाद से मुक्त करा लिया गया है.
उनके इस संबोधन को पूरे श्रीलंका में लाइव दिखाया जा रहा है.
इसके पहले श्रीलंका सेना ने कहा था कि तमिल विद्रोही नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरण मारे गए हैं.
दूसरी ओर सेना के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि बुरी तरह जल गए शवों में से प्रभाकरण की पहचान का काम चल रहा है.
भारत की प्रतिक्रिया
हालांकि इस ख़बर की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हो पाई है.
इधर अमरीकी सरकार ने कहा है कि श्रीलंका सरकार को तमिल और अन्य गुटों के साथ बातचीत कर ऐसी राजनीतिक व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें सभी नागरिकों के हितों की रक्षा की जा सके.
प्रभाकरण का जीवन
प्रतिक्रियाएँ
भारत ने भी कहा है कि प्रभाकरण के मारे जाने के साथ ही श्रीलंका में लड़ाई ख़त्म हो गई है और अब वहां की सरकार को तमिलों की समस्याएँ हल करनी चाहिए.
कोलंबो में प्रभाकरण की मौत की ख़बर पर लोगों ने मिठाई बांटी
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा,''अब श्रीलंका में लड़ाई ख़त्म हो गई है, इसलिए वहां की सरकार को संविधान में सत्ता के विकेंद्रीकरण पर ध्यान देना चाहिए ताकि तमिलों समेत सभी समुदाय अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें.''
भारत ने जल्दी ही श्रीलंका के युद्ध प्रभावित इलाक़े में चिकित्सा दल और दवाइयाँ भेजने का फ़ैसला किया है.
इस ख़बर के आने के बाद श्रीलंका के कई हिस्सों में लोगों के जश्न मनाने की ख़बरें हैं.
अब श्रीलंका में लड़ाई ख़त्म हो गई है, इसलिए वहां की सरकार को संविधान में सत्ता के विकेंद्रीकरण पर ध्यान देना चाहिए ताकि तमिलों समेत सभी समुदाय अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
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कोलंबो में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सेना प्रमुख जनरल फोनसेंका की ''सैन्य अभियान ख़त्म होने'' की घोषणा के बाद लोगों ने सड़कों पर आकर जश्न मनाया.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि 40 से 60 हज़ार तमिल लोग राहत शिविरों का रुख़ कर रहे हैं जबकि शिविरों में पहले से ही बहुत भीड़ है.
संयुक्त राष्ट्र आपात राहत के समन्वयक जॉन होम्स ने कहा कि पहले से ही लगभग सवा दो लाख लोग राहत शिविरों में हैं और वे मानवीय त्रासदी से जूझ रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सैन्य प्रतिनिधि विजय नांबियार श्रीलंका पहुँच गए हैं और वे सरकारी अधिकारियों से मुलाक़ात कर रहे हैं. वो मंगलवार को एक शिविर की स्थिति देखने भी जाएंगे.
श्रीलंका पर नियंत्रण
पिछले कुछ हफ्तों में श्रीलंका की सेना ने विद्रोहियों को उनके लगभग सभी इलाक़ों से खदेड़ दिया है.
सेना ने प्रभाकरण के बेटे चार्ल्स एंथनी के मारे जाने का भी दावा किया है
सोमवार को जनरल फोनसेका ने कहा, ''हमें राष्ट्रपति ने जो काम दिया था, वो हमने पूरा कर दिया है और देश को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के चंगुल से निकाल लिया है. ''
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि प्रभाकरण अपने खुफिया विभाग के प्रमुख पोट्टू अमान और नौसेना के प्रमुख सुसै के साथ मारे गए हैं.
सेना के अनुसार प्रभाकरण के जले हुए शव को बरामद किया गया है और डीएनए जांच की जा रही है.
सेना अधिकारियों के हवाले से टेलीविज़न रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि प्रभाकरण जब एक एंबुलेंस में बैठकर युद्ध क्षेत्र से भागने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय सैनिकों ने उन पर घात लगाकर हमला किया.
सेना के प्रवक्ता ने इस मौक़े पर एक प्रसारण में कहा कि 26 वर्षों के बाद श्रीलंका की पूरी ज़मीन एक बार फिर सेना के नियंत्रण में है.
इससे पहले प्रभाकरण के बेटे चार्ल्स एंथनी के अलावा एलटीटीई के तीन अन्य प्रमुख नेता भी मारे गए हैं.


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