प्रभाकरण की मौत पर श्रीलंका में जश्न

श्रीलंका की सेना ने दावा किया है कि तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरण मारे गए हैं.
सेना के प्रमुख के अनुसार प्रभाकरण अपने दो शीर्ष कमांडरों के साथ देश के उत्तर में सेना के साथ हो रहे संघर्ष में मारे गए हैं. इस ख़बर के आने के बाद श्रीलंका के कई हिस्सों में लोगों के जश्न मनाने की रिपोर्टें हैं.
भारत की प्रतिक्रिया
कोलंबो में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड का कहना है कि सेना प्रमुख जनरल शरत फोनसेंका की ''सैन्य अभियान ख़त्म होने'' की घोषणा के बाद लोग सड़कों पर आकर जश्न मना रहे हैं.
प्रभाकरण का जीवन
अभी तक प्रभाकरण के शव की कोई तस्वीर नहीं आई है लेकिन सेना ने कहा है कि वो मृतकों में से प्रभाकरण की पहचान कर रही है. सेना की इन दावों की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
इस बीच यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की ब्रसेल्स में हुई मुलाक़ात में श्रीलंका में हुए संघर्ष में बड़ी संख्या में तमिलों के मारे जाने की आलोचना की गई है और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है.
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान कि मून के कार्यालय ने कहा है कि वो जल्दी ही श्रीलंका की यात्रा करने की योजना में हैं.
हमें राष्ट्रपति ने जो काम दिया था वो हमने पूरा कर दिया है और देश को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के चंगुल से निकाल लिया है श्रीलंका सैन्य प्रमुख
| |
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार सहायता के प्रमुख जॉन होल्मस ने कहा है कि इस समय उनका ध्यान उन नागरिकों को बचाना है जो संघर्ष वाले क्षेत्रों से जान बचाकर भाग रहे हैं.
श्रीलंका पर नियंत्रण
पिछले कुछ हफ्तों में श्रीलंका की सेना ने विद्रोहियों को उनके लगभग सभी इलाक़ों से खदेड़ दिया है.
सेना ने चार्ल्स एंथनी के मारे जाने का भी दावा किया है
सोमवार को जनरल फोंसेका ने कहा, '' हमें राष्ट्रपति ने जो काम दिया था वो हमने पूरा कर दिया है और देश को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के चंगुल से निकाल लिया है. ''
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि प्रभाकरण अपने खुफिया विभाग के प्रमुख पोट्टू अमान और नौसेना के प्रमुख सुसै के साथ मारे गए हैं. सेना के अनुसार प्रभाकरण के जले हुए शव को बरामद किया गया है और डीएनए जांच की जा रही है.
सेना अधिकारियों के हवाले से टेलीविज़न रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि प्रभाकरण जब एक एंबुलेंस में बैठकर युद्ध क्षेत्र से भागने की कोशिश कर रहे थे उसी समय सैनिकों ने उन पर घात लगाकर हमला किया.
सेना के प्रवक्ता ने इस मौक़े पर एक प्रसारण में कहा कि 26 वर्षों के बाद श्रीलंका की पूरी ज़मीन एक बार फिर सेना के नियंत्रण में है. इससे पहले प्रभाकरण के बेटे चार्ल्स एंथनी के अलावा एलटीटीई के तीन अन्य प्रमुख नेता भी मारे गए हैं.


Click it and Unblock the Notifications