सोनिया-मनमोहन ने कहा, जनादेश से जिम्मेदारी बढ़ी (राउंडअप)
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा, "हमने चुनाव जीता है लेकिन इसके साथ ही हमें एक गंभीर दायित्व भी मिला है। ऐसा जनादेश जब भी मिलता है तो वह साथ में कई जिम्मेदारियां लेकर आता है।"
उन्होंने कहा, "हमने आशा की नई किरण जगाई है। यही वजह है कि आज हम इतनी बड़ी संख्या में यहां मौजूद हैं। अब हमारी जिम्मेदारी जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने की है।"
इससे पहले, संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में कांग्रेस के नवनिर्वाचित सदस्यों की मौजूदगी में सोनिया ने संसदीय दल के नेता के पद के लिए मनमोहन सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
सोनिया ने कहा कि पिछले पांच वर्षो के कार्यकाल में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने जो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, वह प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के संविधान की धारा 5बी के अनुसार पार्टी संसदीय दल के नेता पद के लिए मैं डा. मनमोहन सिंह के नाम का प्रस्ताव रखती हूं और आपसे इसके समर्थन करने का आग्रह करती हूं।"
उन्होंने कहा, "पिछले पांच वर्षो का मनमोहन सिंह का जो रिकार्ड रहा है, वह अपने आप में बहुत कुछ बयान करता है। आने वाले वर्षो में हम उनके नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षो में जिस दृढ़ता और प्रभावी तरीके से सरकार चलाई वह हमें प्रेरित करने वाला है। हम सभी को मिलकर उन्हें बधाई देनी चाहिए।"
सोनिया ने कहा, "राजनीतिक मर्यादाओं को बचाए रखने का समय आ गया है। पिछले कुछ वर्षो में राजनीति का पतन हुआ है। हमें सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करना है। हमें जनता के बीच नेताओं के प्रति विश्वास को फिर से पैदा करना है।"
इस अवसर पर सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का अध्यक्ष चुना गया। वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिसका सलमान खुर्शीद, किशोरचंद्र देव, मीनाक्षी नटराजन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने समर्थन किया।
उधर, डा. मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलाकर काम करने के लिए उनकी ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जो जनादेश मिला है वह लोगों की सरकार से बढ़ी उम्मीदों को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता, खासकर युवा वर्ग 'चलता है' कि मानसिकता को अब बर्दाश्त करने वाला नहीं है।
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में आए सभी सांसदों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, "भारी संख्या में युवाओं ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। युवाओं का चरित्र ही कुछ ऐसा होता है कि वे संयम नहीं रख पाते। इसलिए काम चलाऊ व्यवस्था को वे आसानी से बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं।"
बेहतर सरकार देने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग उम्मीद करता है कि सरकार नई ऊर्जा के साथ काम करेगी। वह जिम्मेदार सरकार चाहता है। वह चाहता है कि सरकार उसकी उम्मीदों पर खरा उतरे।
मनमोहन सिंह ने कहा, "देश की जनता ने हमारे पक्ष में जनादेश दिया है। जनता ने सत्ता विरोधी लहर होने की अवधारणा को झूठला दिया है।"
उन्होंने कहा, "हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। हमारे पक्ष में मिले जनादेश को संभाले रखने के लिए यह जरूरी है। यह हमारी पार्टी और हमारी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।"
उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता सरकार में नई ऊर्जा भरने और शासन में सुधार लाने की होगी। सरकार को हमें अधिक जिम्मेदार, प्रभावी और क्रियाशील बनाना पड़ेगा।"
मनमोहन ने कहा, "हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी राजनीतिक दलों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं और उन्हें रचनात्मक विपक्ष की भूमिका का निर्वाह करने का आान करते हैं।"
उन्होंने कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि 15वीं लोकसभा में सहयोग और काम करने की भावना रहेगी।"
उन्होंने नवनिर्वाचित सांसदों से कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि आप अपने मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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