बीपीएससी की होने वाली मुख्य परीक्षा को न्यायालय ने दी हरी झंडी
न्यायाधीश एस़ क़े कटारिया एवं न्यायाधीश क़े क़े मंडल की दो सदस्यीय खंडपीठ ने आज सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ कुछ कारणों से प्रतियोगिता परीक्षा को नए सिरे से कराना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है।
इधर, असफल छात्रों के अधिवक्ता शांतनु कुमार ने बताया कि न्यायालय ने ऐसे असफल छात्रों के लिए पून: प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने का आयोग को निर्देश दिया है जिन्होंने परीक्षा के तुरंत बाद प्रश्नपत्र में गड़बड़ी होने की शिकायत न्यायालय या आयोग से की थी।
उल्लेखनीय है कि गत 30 जनवरी को पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की एकलपीठ ने बीपीएससी द्वारा संचालित 48 वीं से 52 वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को रद्द करते हुए पुन: परीक्षा आयोजित करने का फैसला सुनाया था।
ज्ञात हो कि 25 मई, 2008 को बीपीएससी द्वारा 48 वीं से 52 वीं तक की प्रारंभिक परीक्षा राज्य के 530 केन्द्रों पर आयोजित की गई थी। 19 सितंबर 2008 को इस परीक्षा के परिणाम प्रकाशित हुए थे जिसमें 19,318 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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