महिंद्रा के इगतपुरी संयंत्र में श्रमिक काम पर लौटे
कर्मचारी पुनरीक्षित वेतनमान और एक बर्खास्त श्रमिक नेता की बहाली की मांग को लेकर हड़ताल पर थे।
कंपनी ने मंगलवार को एक वक्तव्य में कहा, "कर्मचारियों द्वारा हड़ताल वापस लिए जाने के बाद संयंत्र में दोबारा उत्पादन शुरू हो गया है और वहां सामान्य कामकाज हो रहा है।"
कंपनी ने कहा कि कामगारों के साथ गत 15 मई को वेतनमान को लेकर एक समझौता हुआ था जिसके बाद मंगलवार को हड़ताल समाप्त हो गई। कर्मचारी गत चार मई से संशोधित वेतनमान और श्रमिक नेता माधव धात्रक के निलंबन को लेकर हड़ताल पर थे।
नया समझौता अगले साढ़े तीन वर्षो के लिए वैध है। इस पर संयंत्र के कर्मचारियों की प्रतिनिधि भारतीय कामगार सेना यूनियन ने हस्ताक्षर किए।
इससे पहले नासिक के श्रम न्यायालय ने कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध बताते हुए उसे खत्म करने का आदेश दिया था जिसके बाद कर्मचारियों ने मुंबई उच्च न्यायायल जाने का निर्णय लिया था।
इगतपुरी संयंत्र के श्रमिक नेता माधव के निलंबन और कंपनी द्वारा पिछले 22 महीनों के वेतन संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर में की जा रही देर के बाद गत चार मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।
उल्लेखनीय है कि इगतपुरी संयंत्र में कंपनी फ्रांसीसी कंपनी रेनाल्ट के साथ संयुक्त उद्यम में बनने वाली लोगान के अलावा जाइलो, स्कॉर्पियो और बोलेरो जैसे वाहन बनाती है।
संयंत्र में कुल 4,450 कामगार हैं जिनमें से 2,750 नियमित, 1,200 अस्थाई और 500 प्रशिक्षु हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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