नई सरकार से दूरसंचार उद्योग को ढेरों उम्मीदें
नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। दूरसंचार क्षेत्र को नई सरकार से ढेरों उम्मीदें हैं। इनमें दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को फ्रीक्वेंसी आवंटन से लेकर उपभोक्ताओं को बिना नंबर बदले सेवा प्रदाता बदलने की सुविधा प्रमुख हैं।
नई सरकार से यह भी उम्मीद है कि वह सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराएगी। पिछली सरकार ने ऐसा करने की कोशिश की थी लेकिन वाम दलों के विरोध के कारण उसे कामयाबी नहीं मिली थी।
एक बार सूचीबद्ध हो जाने पर यह देश के शेयर सूचकांकों की सबसे बड़ी कंपनी होगी।
जीएसएम मोबाइल फोन सेवा प्रदाताओं की संस्था सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन इन इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक टी.वी. रामचंद्रन ने आईएएनएस को बताया, "शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने से न केवल प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि कंपनी अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मुख्य धारा में आ जाएगी।"
बीएसएनएल के बोर्ड ने गत वर्ष अपने 10 फीसदी शेयरों की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश करने की पेशकश की थी। उम्मीद थी कि कंपनी इस तरह तकरीबन 10 अरब डॉलर की राशि अर्जित करने में कामयाब रहेगी।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में भी कहा था कि उसका मानना है कि देश की जनता को सरकारी कंपनियों में शेयर खरीदने का अधिकार है।
उद्योग जगत का यह भी मानना है कि मौजूदा समय में राजस्व में सरकार की 25-30 फीसदी की हिस्सेदारी बहुत ज्यादा है और चूंकि देश में मोबाइल सेवाओं का टैरिफ दुनिया के कुछ न्यूनतम टैरिफों में से है अत: उस लिहाज से राजस्व में हिस्सेदारी कम होनी चाहिए।
एयरसेल लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी गुरदीप सिह ने कहा, "प्रति उपभोक्ता घटते राजस्व के साथ परिचालन लागत बहुत बढ़ गई है। हमें पूरी उम्मीद है कि सरकार राजस्व के बंटवारे को संशोधित करेगी।"
सिंह ने यह भी कहा कि देश तीसरी पीढ़ी (3जी) की मोबाइल सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। हमें उम्मीद है कि 3जी स्पेक्ट्रम और विमैक्स स्पेक्ट्रम की नीलामी जारी रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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