'तीन वरिष्ठ तमिल विद्रोही नेता मारे गए'

सेना के प्रवक्ता का कहना है कि तमिल विद्रोहियों के शीर्ष नेता वेलुपिल्लै प्रभाकरण के बेटे चार्ल्स एंटोनी का शव भी बरामद हुआ है.
सेना का कहना है कि एलटीटीई लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के राजनीतिक शाखा के प्रमुख बालसिंघम नदेसन, शांतिवार्ता सचिवालय के प्रमुख सीवर्तनम पुलीदेवन और सैन्य कमांडर रमेश का शव बरामद मिला है.
लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन ख़बरों की पुष्टि करना असंभव है क्योंकि पत्रकारों को संघर्षवाले इलाक़ों में जाने की अनुमति नहीं है.
इधर तमिल विद्रोहियों के प्रमुख वेलुपिल्लै प्रभाकरण के बारे में कोई पक्की सूचना नहीं मिली है.
कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि वो मारे गए हैं लेकिन इसकी किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं हो सकी है.
सेना का कहना है कि अब तमिल विद्रोहियों को मात्र डेढ़ वर्ग किलोमीटर के दायरे में समेट दिया गया है और उनका सफ़ाया कर दिया जाएगा.
'आख़िरी संघर्ष'
श्रीलंका सरकार का कहना है कि सैनिक अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं.
हालांकि इससे कुछ पहले तमिल विद्रोहियों से जुड़ी एक वेबसाइट ने कहा था कि विद्रोही हथियार डाल रहे हैं.
इसमें कहा गया था कि ' अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है तो विद्रोही आम तमिल लोगों की जान और सम्मान की रक्षा के लिए हथियार डालने के लिए तैयार हैं.'
दूसरी ओर सोमवार को यूरोपीय संघ के मंत्रियों की बैठक हो रही है जिससे पहले एक बयान का मसौदा तैयार किया गया है जिसमें श्रीलंका में आम नागरिकों की मौतों पर चिंता व्यक्त की गई है.
यूरोपीय संघ इस संघर्ष में बड़ी संख्या में आम लोगों की मौतों और बड़े हथियारों के इस्तेमाल से बेहद नाराज़ है.
वह श्रीलंका आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्टों की स्वतंत्र जांच की मांग कर सकता है.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार यूरोपीय संघ चाहता है कि बर्मा और फ़लस्तीनी क्षेत्रों की तर्ज पर श्रीलंका के मामले में भी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए.
ग़ौरतलब है तमिल विद्रोही और श्रीलंका की सरकार दोनों ही एक दूसरे पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे है.
राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे पहले ही जीत का दावा कर चुके हैं और शनिवार को ही उन्होंने कहा था कि श्रीलंका को बर्बरतापूर्ण कार्रवाईयों से मुक्ति मिल गई है.


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