कुवैतः पहली बार सांसद बनीं मिहलाएं
कुवैत। कुवैत में हुए संसदीय चुनाव में पहली बार अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए महिलाओं ने चार सीटें जीत ली हैं। किसी भी खाड़ी देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब महिलाओं की पहुंच संसद तक हुई हो। कुवैत में महिलाओं को वर्ष 2005 में पहली बार चुनाव लड़ने और मत डालने का अधिकार दिया गया था लेकिन वर्ष 2006 और 2008 के चुनावों में वे कोई भी सीट जीतने में असफल रहीं।
कुवैत के 50 सदस्यीय सदन के लिए शनिवार को हुए चुनाव में 210 उम्मीदवार थे जिनमें 16 महिलाएं शामिल थीं। रविवार को घोषित नतीजों के मुताबिक चार महिलाएं संसद के लिए निर्वाचित होकर इतिहास बनाने में कामयाब रहीं। जीत हासिल करने वाली महिलाएं मासूमा अल-मुबारक, रोला दश्ती, असील अल-अवधी और सलवा अल-जसार हैं।
अमेरिका में पढ़ी और पेशे से प्रोफेसर मासूमा ने 2005 में स्वास्थ्य मंत्री बन कर कुवैत की पहली महिला मंत्री बनने का रिकार्ड अपने नाम किया था। मंत्रिमंडल में इस्लामिक मंत्रियों के दबाव के चलते 2007 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। रोला भी अमेरिका में पढ़ी हैं और अर्थशास्त्र की विशेषज्ञ हैं। वह महिलाओं के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाली कार्यकर्ता के रूप में प्रसिद्ध हैं। 1969 में
जन्मीं असील अल-अवधी भी अमेरिका में पढ़ी हैं। वह कुवैत यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।
चौथी महिला सांसद सलवा अल-जसार भी कुवैत यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और अमेरिका से पढ़ी हैं। वह महिला अधिकारों के लिए लड़ती रही हैं और एक एनजीओ भी चलाती हैं। कुवैत के शासक शेख शबा अल-अहमद ने दो महीने पहले संसद को भंग कर नए चुनाव कराए जाने की घोषणा की थी। उन्होंने यह कदम सरकार और संसद के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए
उठाया था। इस गतिरोध के चलते देश में आर्थिक सुधार कार्यक्रम लागू करने में देरी हो रही थी।


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