नई सरकार की गठन की प्रक्रिया शुरू

चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई है. सोमवार को प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई है.
इसमें 14 वीं लोकसभा भंग करने और मंत्रिमंडल के इस्तीफ़े का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है.
रविवार की राजनीतिक सरगर्मी
ऐसी ख़बरें हैं कि उसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मिलकर अपने मंत्रिमंडल का इस्तीफ़ा सौंप देंगे.
मंगलवार को पार्टी संसदीय दल की बैठक के बाद हम उन दलों के साथ बैठक करेंगे जो चुनाव में हमारे साथ थे. इसी में तय होगा कि नई सरकार में किसे शामिल किया जाए जनार्दन द्विवेदी, कांग्रेस प्रवक्ता
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इसके बाद सोमवार शाम को चुनाव आयोग नवनिर्वाचित 543 उम्मीदवारों की सूची राष्ट्रपति को सौंपेगा.
नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची मिलने के बाद राष्ट्रपति पंद्रहवीं लोकसभा के गठन के लिए अधिसूचना जारी करेंगी और उसके बाद नई सरकार का गठन होगा.
इसके पहले रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी जिसमें चुनाव नतीजों की समीक्षा की गई.
संसदीय दल की बैठक
कांग्रेस कार्यसमिति के बाद पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी बताया कि मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक होगी जिसमें संसदीय दल के नेता का चुनाव किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि ये तकनीकी प्रक्रिया है और नेता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही होंगे.
क्या कहते हैं प्रमुख चेहरे
उनका कहना था, " मंगलवार को पार्टी संसदीय दल की बैठक के बाद हम उन दलों के साथ बैठक करेंगे जो चुनाव में हमारे साथ थे. इसी में तय होगा कि नई सरकार में किसे शामिल किया जाए."
बार-बार ये पूछने पर कि क्या राष्ट्रीय जनता दल (राजद) या लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सरकार में शामिल होगी, उनका जवाब था, "हमने कह दिया कि हम चुनाव पूर्व गठबंधन में शामिल दलों के साथ बैठ कर ही ये तय करेंगे और प्रीपोल एलायंस का क्या मतलब है, ये आप जानते हैं."
राज्यवार चुनावी नतीजे
ग़ौरतलब है कि राजद, लोजपा और समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर सहमति नहीं होने के कारण चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं हो सका था.
सहयोगियों की तलाश
हालांकि चौथे मोर्चे के नाम से इन दलों के नेताओं ने बार-बार कहा कि वो चुनाव बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के साथ होंगे. इसके पहले रविवार को समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की.
उल्लेखनीय है कि 2004 में मनमोहन सिंह ने 22 मई को शपथ ली थी. 15वीं लोकसभा चुनावी मुक़ाबले में यूपीए ने मुख्य विरोधी राष्ट्रीय जनतांत्रिक संगठन (एनडीए) को सत्ता की दौड़ में उसे परास्त कर दिया. साथ ही उसने वाममोर्चा और तीसरे मोर्चे को जनता ने पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया.
शनिवार को देर रात तक आए परिणामों के अनुसार कांग्रेस को अकेले 205 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस को 19, द्रमुक को 18 और एनसीपी को 9 सीटें मिली हैं.
इसके अलावा कुछ और छोटे सहयोगी दलों की सीटें मिलाकर कांग्रेस गठबंधन को कुल 261 सीटें मिली हैं. इसका अर्थ यह हुआ कि कांग्रेस को बहुमत के लिए मात्र 11 सीटों की ज़रुरत है.
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को 116 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल जनता दल यू को 20,शिवसेना को 11, शिरोमणि अकाली दल को चार, राष्ट्रीय लोकदल को चार और असम गणपरिषद को एक सीट मिली है. भारतीय जनता पार्टी ने परिणामों के आने के बाद हार स्वीकार कर ली.


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