राजद, सपा, तृणमूल ने नई संप्रग सरकार को समर्थन का प्रस्ताव दिया (राउंडअप)

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद)और समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की नई सरकार को बिना शर्त समर्थन देने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि नए मंत्रिमंडल में शामिल होने में उनकी रुचि नहीं है।

राजद नेता लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में हिस्सा लिया। मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में यादव ने नई सरकार को बिना शर्त समर्थन देने की बात कही।

तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया।

सोमवार को यहां हुई पार्टी संसदीय दल की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में सभी 19 नवनिर्वाचित सांसद मौजूद थे। सभी सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को सर्वसम्मति से पार्टी संसदीय दल का नेता चुना।

सपा महासचिव अमर सिंह ने भी एक टेलीविजन चैनल से कहा कि उनकी रूचि मंत्री पद में नहीं है लेकिन वह नई सरकार को समर्थन देंगे।

उधर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने आगामी 20 मई को अपने सहयोगियों की बैठक बुलाई है लेकिन इस बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान को नहीं बुलाया गया है।

कांग्रेस महासचिव व पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी जनार्दन द्विवेदी ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "20 मई को संप्रग की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में चुनाव पूर्व सहयोगियों को बुलाया गया है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैठक में सिर्फ चुनाव पूर्व सहयोगियों को ही बुलाया गया है।

उल्लेखनीय है कि लालू और पासवान कांग्रेस के चुनाव पूर्व सहयोगी नहीं हैं क्योंकि बिहार में लालू और पासवान ने मिलकर कथित चौथे मोर्चे के बैनर तले लड़ा था। चुनाव पूर्व दोनों नेताओं ने कांग्रेस के लिए सिर्फ तीन सीटें ही छोड़ी थी। दोनों नेताओं के इस रवैये से नाराज होकर कांग्रेस ने बिहार में अकेले दम चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

कांग्रेस की बिहार इकाई लालू और पासवान को सरकार में शामिल करने के पक्ष में कतई नहीं है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा और बिहार के प्रभारी इकबाल सिंह ने इस संबंध में कांग्रेस आलाकमान को अवगत करा दिया है।

अनिल शर्मा ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "इस लोकसभा चुनाव में बिहार में कांग्रेस अपने पैरों पर खड़ी नजर आई है। ऐसे में लालू और पासवान को सरकार में शामिल करना आत्मघाती कदम होगा।" लालू ने बिना शर्त संप्रग को समर्थन देने की घोषणा की है।

इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें संसदीय दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि डा. मनमोहन सिंह ही अगले प्रधानमंत्री होंगे। इसलिए अब संसदीय दल के नेता के रूप में मनमोहन सिंह का चयन किया जाना महज औपचारिकता ही रहेगी। बैठक में लोकसभा में पार्टी का नेता कौन होगा, यह भी तय किया जाएगा।

उधर कोलकाता में ममता ने अपने आवास कालीघाट में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के महासचिव व राज्य सभा सांसद मुकुल राय समर्थन का पत्र राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपने के लिए सोमवार रात दिल्ली रवाना होंगे।

जब उनसे पूछा गया कि आपकी पार्टी ने समर्थन के लिए कोई शर्त रखी है तो उन्होंने कहा, "उनकी पार्टी ने संप्रग को बिना शर्त समर्थन देने का निर्णय किया है। हमने कोई शर्त नहीं रखी है। यह कोई संयुक्त उपक्रम परियोजना नहीं है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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