हैदराबाद विस्फोट के दो साल बाद भी सुराग नहीं
पुलिस ने विस्फोट के दो साल पूरे होने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। साथ ही 17 वीं सदी की इस मस्जिद और ऐतिहासिक चार मीनार और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में गस्त तेज कर दी है।
वर्ष 2007 में शुक्रवार को नवाज के बाद एक भीड़ से पुलिस की झड़प हुई थी। इसमें पुलिस की गोली से पांच लोग मारे गए थे। भीड़ में शामिल लोग मस्जिद में हुए विस्फोट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
गौरतलब है कि दक्षिण भारत के किसी शहर की मस्जिद में इतनी बड़ी घटना पहली बार हुई थी। पुलिस ने इस घटना के लिए बांग्लादेश के उग्रवादी संगठन हरकत उल जिहाद-ए-इस्लामी (हूजी) को दोषी ठहराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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