ग्वालियर में विद्युत उपकरण गोदाम में लगी आग पर उठे सवाल (लीड-2)
जानकारी के मुताबिक इस गोदाम से पिछले दिनों छह हजार लीटर तेल गायब होने की शिकायत हुई थी। जिसकी जांच में यह शिकायत सही पाई गई थी। ग्वालियर क्षेत्र के मुख्य अभियंता एस़ एऩ गुप्ता ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान इस बात की पुष्टि की है कि गोदाम में रखे सामान का सोमवार को निरीक्षण प्रस्तावित था।
गोदाम में निरीक्षण से पहले लगी आग ने सवाल खडे कर दिए हैं कि कहीं यह आग किसी घोटाले को छुपाने के लिए लगाई तो नहीं गई थी अथवा यह सारी साजिश कुछ लोगों के इशारे पर तो नहीं रची गई है।
उधर आग बुझाने के लिए सीमा सुरक्षा बल और वायु सेना के जवानों की मदद ली जा रही है। इस अग्निकांड में करोड़ों के उपकरण जलकर खाक होने का अनुमान है। आग लगने के कारण का खुलासा नहीं हो पाया है।
मिली जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के पुतलीघर इलाके में संभागीय विद्युत उपकरण गोदाम है। जहां नए ट्रान्सफार्मरों के अलावा पुराने ट्रान्सफार्मरों की मरम्मत भी होती है तथा अन्य उपकरणों का भंडारण है। इस गोदाम में रविवार और सोमवार की दरम्यान रात को लगभग डेढ बजे अचानक आग लग गई। इस आग ने इतना भीषण रूप इख्तियार कर लिया है कि उसे बुझाने के लिए टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल केन्द्र के अलावा भिन्ड, मुरैना और डबरा से भी दमकल गाडियां बुलाना पड़ी है। 100 से अधिक गाडियां आग बुझाने में लगी है।
आग पर नियंत्रण पाने के लिए सीमा सुरक्षा बल और वायु सेना के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। इसके बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। जिस क्षेत्र में आग लगी है वहां सैकड़ों की तादाद में ट्रान्सफार्मर रखे हैं और तेल से भरे ड्रम भी हैं। कुछ समय के अंतराल से ट्रान्सफार्मरों के धमाके के साथ फटने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं तथा आग विकराल रूप धारण किए हुए है।
मुख्य अभियंता एस़ एऩ गुप्ता का कहना है कि इस अग्निकान्ड में बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। कुल कितने का नुकसान हुआ है यह अभी आंकलन नहीं किया जा रहा है बल्कि पहली प्राथमिकता आग पर नियंत्रण हासिल करने की है। उन्होंने बताया है कि आग पर नियंत्रण स्थापित होने के बाद ही खुलासा हो सकेगा कि आग कैसे लगी तथा कितने का नुकसान हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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