आत्मघाती हमलों के लिए तालिबान ने 30,000 डॉलर खर्च किए
उन्होंने कहा कि आत्मघाती हमलों के लिए तालिबान गरीब परिवारों के युवकों को पांच लाख से 25 लाख रुपयों में खरीद रहा है।
पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) के एक राहत शिविर का दौरा करने के बाद मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि तालिबान देश को कमजोर करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के सफाए तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। सेना सही दिशा में कार्रवाई कर रही है और जल्दी ही देश के लिए अच्छी खबर होगी।
स्वात घाटी में सैनिक कार्रवाई का जिक्र करते हुए मलिक ने कहा कि स्वात की समस्या सात वर्ष पुरानी है और इसके हल होने में समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि यह समस्या हमें विरासत में मिली है। तालिबान ने एक ही दिन में बारूदी सुरंगे, मिसाइलें और हथियार नहीं जुटा लिए।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तालिबान प्रमुख सूफी मुहम्मद की मौत के बारे में कोई खबर नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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