लिट्टे के स्थान पर अहिंसावादी समूह चाहिए : तमिल प्रवासी नेता
लंदन, 18 मई (आईएएनएस)। ब्रिटेन में तमिल प्रवासियों के एक नेता ने कहा कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) की पराजय के बाद श्रीलंका में तमिलों के हितों की रक्षा के लिए एक लोकतांत्रिक और अहिंसावादी संगठन की आवश्यकता है।
ब्रिटिश तमिल कौंसिलर्स एंड एसोसिएट्स (बीटीसीए) के अध्यक्ष थाया इदीक्कदार ने कहा, "इस समय तमिल प्रवासियों में शोक है। इसके बाद हमें एक साथ बैठकर आगे की स्थिति के लिए विचार करना चाहिए।"
उसने कहा कि सभी देशों जैसे ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, फ्रांस और जर्मनी के तमिलों को एक साथ मिलकर बैठने और विचार करने की आवश्यकता है।
आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में उसने कहा,"हमें राजनीतिक वार्ता में शामिल होने की आवश्यकता है। हमें एकजुट होकर विदेशी सरकारों और श्रीलंका की सरकार से वार्ता करने की जरूरत है।"
लिट्टे की पराजय और उसके प्रमुख वी.प्रभाकरन की मौत की खबर के बाद इदीक्कदार का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इदीक्कदार ने कहा कि सबसे पहले पश्चिमी देशों से लिट्टे पर लगे प्रतिबंध को हटाने की आवश्यकता है। इसमें असफल होने पर तमिल प्रवासियों को एक नया संगठन बनाना चाहिए, जो अहिंसक आंदोलन से अपने उद्देश्यों को हासिल करने का प्रयास करे।
उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तमिलों से उनके हितों के लिए वार्ता आरंभ करने के वास्ते इस नए संगठन को अधिकृत किए जाने की भी आवश्यकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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