संप्रग की बैठक में लालू-पासवान को न्योता नहीं (लीड-1)
कांग्रेस महासचिव व पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी जनार्दन द्विवेदी ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "20 मई को संप्रग की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में चुनाव पूर्व सहयोगियों को बुलाया गया है।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैठक में सिर्फ चुनाव पूर्व सहयोगियों को ही बुलाया गया है।
उल्लेखनीय है कि लालू और पासवान कांग्रेस के चुनाव पूर्व सहयोगी नहीं हैं क्योंकि बिहार में लालू और पासवान ने मिलकर कथित चौथे मोर्चे के बैनर तले लड़ा था। चुनाव पूर्व दोनों नेताओं ने कांग्रेस के लिए सिर्फ तीन सीटें ही छोड़ी थी। दोनों नेताओं के इस रवैये से नाराज होकर कांग्रेस ने बिहार में अकेले दम चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
कांग्रेस की बिहार इकाई लालू और पासवान को सरकार में शामिल करने के पक्ष में कतई नहीं है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा और बिहार के प्रभारी इकबाल सिंह ने इस संबंध में कांग्रेस आलाकमान को अवगत करा दिया है।
अनिल शर्मा ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "इस लोकसभा चुनाव में बिहार में कांग्रेस अपने पैरों पर खड़ी नजर आई है। ऐसे में लालू और पासवान को सरकार में शामिल करना आत्मघाती कदम होगा।" लालू ने बिना शर्त संप्रग को समर्थन देने की घोषणा की है।
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें संसदीय दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि डा. मनमोहन सिंह ही अगले प्रधानमंत्री होंगे। इसलिए अब संसदीय दल के नेता के रूप में मनमोहन सिंह का चयन किया जाना महज औपचारिकता ही रहेगी। बैठक में लोकसभा में पार्टी का नेता कौन होगा, यह भी तय किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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