सोनिया ने बुलाई कार्यसमिति की बैठक

जीत के बाद सरकार गठन पर चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कार्यसमिति की बैठक बुलाई है. सोमवार के बाद ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) नेताओं की औपचारिक बैठक होगी.
कांग्रेस संसदीय दल के नेता के चुनाव के लिए नवनिर्वाचित पार्टी सांसदों की बैठक अगले सप्ताह होगी जिसमें मनमोहन सिंह को नेता चुना जाएगा.
सरकार गठन की तैयारी
सोमवार को प्रधानमंत्री ने मौजूदा कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई है जिसमें लोकसभा भंग करने का फ़ैसला होगा और मनमोहन सिंह अपनी सरकार का इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को सौंप देंगे.
जीतने वाले प्रमुख उम्मीदवार सोनिया गांधी (कांग्रेस)- रायबरेली मेनका गांधी (भाजपा)- आंवला शत्रुघ्न सिन्हा (भाजपा)- पटना साहिब कमलनाथ (कांग्रेस)- छिंदवाड़ा फ़ारूख़ अब्दुल्लाह (एनसी)- श्रीनगर प्रिया दत्त (कांग्रेस)- मुंबई नॉर्थ सेंट्रल सचिन पायलट (कांग्रेस)- अजमेर सुषमा स्वराज (भाजपा)- विदिशा नवजोत सिंह सिद्धू (भाजपा)- अमृतसर जयाप्रदा (सपा)- रामपुर एचडी देवगौड़ा (जेडी एस)- हासन मोहम्मद अज़हरुद्दीन (कांग्रेस)- मुरादाबाद ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस)- कोलकाता दक्षिण जसवंत सिंह (भाजपा)- दार्जीलिंग वीरभद्र सिंह (कांग्रेस)- मंडी शशि थरूर (कांग्रेस)- तिरुअनंतपुरम अजित सिंह (राष्ट्रीय लोकदल)- बागपत लालजी टंडन (भाजपा)- लखनऊ राजनाथ सिंह (भाजपा)- ग़ाज़ियाबाद.
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ख़बरें हैं कि मनमोहन सिंह की अगुवाई में नई कैबिनेट अगले हफ़्ते सरकार की कमान फिर थाम लेगी.उल्लेखनीय है कि 2004 में मनमोहन सिंह ने 22 मई को शपथ ली थी.
भाजपा ने इन चुनावों में अपनी हार स्वीकार कर ली है. 15वीं लोकसभा चुनावी मुक़ाबले में यूपीए ने मुख्य विरोधी राष्ट्रीय जनतांत्रिक संगठन (एनडीए) को सत्ता की दौड़ में उसे परास्त कर दिया.
साथ ही उसने वाममोर्चा और तीसरे मोर्चे को जनता ने पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया.
शनिवार को देर रात तक आए परिणामों के अनुसार कांग्रेस को अकेले 204 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस को 19, द्रमुक को 18 और एनसीपी को 9 सीटें मिली हैं.
इसके अलावा कुछ और छोटे सहयोगी दलों की सीटें मिलाकर कांग्रेस गठबंधन को कुल 260 सीटें मिली हैं. इसका अर्थ यह हुआ कि कांग्रेस को बहुमत के लिए मात्र 12 सीटों की ज़रुरत है.
अगर इसमें राष्ट्रीय जनता दल की चार सीटें और समाजवादी पार्टी की 22 सीटें जोड़ दी जाए तो उसे आसानी से बहुमत मिल रहा है.
क्या कहते हैं प्रमुख चेहरे
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि मनमोहन सिंह ही देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे.
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को 116 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल जनता दल यू को 20,शिवसेना को 11, शिरोमणि अकाली दल को चार, राष्ट्रीय लोकदल को चार और असम गणपरिषद को एक सीट मिली है.
राज्यवार चुनावी नतीजे
भारतीय जनता पार्टी ने परिणामों के आने के बाद हार स्वीकार की है और कांग्रेस पार्टी को बधाई दी है. पार्टी प्रवक्ता अरुण जेटली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने विपक्ष के नेता का पद छोड़ने की मंशा ज़ाहिर की है. लेकिन पार्टी ने इसे मंज़ूरी नहीं दी है.
तीसरे मोर्चे को सबसे अधिक नुक़सान हुआ है जहां वाम मोर्चे को मात्र 24 सीटों से संतोष करना पड़ा है. इसके अलावा अन्नाद्रमुक को 9, एमडीएमके को 1, तेलुगू देशम को छह, बीजू जनता दल को 14 और जनता दल एस को चार सीटों से संतोष करना पड़ा है.
यूपीए की सत्ता में वापसी पर बेहद प्रसन्न सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने इसे स्थिर और मजबूत सरकार के लिए जनादेश बताया.
'काम का इनाम'
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूपीए की जीत पर देश की जनता को धन्यवाद दिया है और कहा है कि ये सरकार के अच्छे काम का इनाम है.
कहीं ख़ुशी कहीं ग़म
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के लोगों ने बड़ी बुलंदी से अपनी बात कही है. सांप्रदायिक घृणा से मुक्त प्रशासन या सरकार के लिए उन्होंने मत दिया है."
मनमोहन सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को मंत्रिमंडल का सदस्य बनने के लिए कहेंगे. दूसरी ओर सुल्तानपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका काम संगठन को मज़बूत बनाना है.
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश देश का सबसे अगली पंक्ति का राज्य रहा है और इसे फिर से पहले स्थान पर लाना है. 20-21 सीटों की जीत राज्य में पार्टी के फिर से खड़े होने की शुरुआत भर है. यह सिलसिला अब और आगे बढ़ेगा."
राहुल ने कहा कि वे जीतें या हारें, इससे उन्हें फ़र्क नहीं पड़ता. उनका काम संगठन को मज़बूत करना है और वे इस काम को ऐसे ही करते रहेंगे.


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