देश नई सरकार के गठन को तैयार, विपक्ष आरोप-प्रत्यारोप में उलझा (राउंडअप)
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार की शाम यहां कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपस्थित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ नेताओं ने सरकार गठन के मुद्दे पर चर्चा की।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है। राहुल गांधी के आक्रामक चुनाव प्रचार के अच्छे परिणाम को देखते हुए कांग्रेस के भीतर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की आवाज तेज हो गई है।
कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी की पुण्य तिथि, 21 मई के बाद नई सरकार सत्तारूढ़ हो सकती है।
चुनाव के दौरान संबंधों में आई खटास को दरकिनार करते हुए सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष राम विलास पासवान को रविवार को फोन किया।
हालांकि लालू प्रसाद ने पहले ही इस बात पर अफसोस जताया था कि बिहार में कांग्रेस के साथ सीटों का तालमेल न कर उन्होंने एक बड़ी गलती की थी। इस कारण राजद बिहार की 40 लोकसभा सीटों में मात्र चार सीटें जीतने में ही कामयाब हो पाया, जबकि लोजपा का खाता ही नहीं खुल सका।
दूसरी ओर कांग्रेस के एक अन्य बिछुड़े सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) ने खुद से सरकार को समर्थन देने के लिए प्रस्ताव किया है। सपा महासचिव अमर सिंह ने कहा है, "हम रचनात्मक समर्थन देने के लिए तैयार हैं। हमने राष्ट्रहित को हमेशा पार्टी हित से ऊपर रखा है। अब यह कांग्रेस के ऊपर है कि वह हमसे कितना और किस रूप में समर्थन चाहती है।"
लेकिन चूंकि कांग्रेस को सरकार गठन के लिए मात्र 10 अतिरिक्त सीटों की ही जरूरत है, लिहाजा वह सपा को यह कहने की स्थिति में है कि अभी इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता एम.वीरप्पा मोइली ने एक समाचार चैनल से कहा, "सरकार में सपा की भूमिका को लेकर पार्टी में चर्चा जारी है।"
इस बीच इस बात की अफवाह रही कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात पर उनकी ही पार्टी में हमले तेज हो गए है। चारों वामपंथी पार्टियों ने रविवार को बैठक आयोजित की थी।
यही स्थिति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भी है। भाजपा और उसके नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भीतर चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए एक-दूसरे पर आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है।
राजग संयोजक व जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करने के लिए भाजपा को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि दो नेताओं को प्रधानमंत्री के रूप में प्रस्तुत करने से मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications