पाकिस्तान की तालिबान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी (लीड-3)
पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (एनडब्लूएफपी) में लड़ाई के कारण विस्थापित लोगों के लिए मरदान में स्थापित एक शिविर का दौरा करने के बाद आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने संवाददाताओं से कहा, "तालिबान को अपने हथियार डाल देने चाहिए या फिर खुद को गंभीर परिणाम के लिए तैयार कर लेना चाहिए।"
मलिक ने कहा,"यदि तालिबान इस्लाम की सेवा करना और पाकिस्तान की भलाई करना चाहते हैं तो मैं उनसे हथियार डालने को कह रहा हूं।"
मलिक ने कहा कि स्वात में सैन्य अभियान सही दिशा में और तय योजना के अनुसार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि निचले दीर और बुनेर जिलों में सरकार का पूरा नियंत्रण है और विस्थापित लोग अपने घरों को लौट सकते हैं।
उधर पैदल सैनिकों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कस्बे मट्टा पर कब्जे के लिए हमला तेज कर दिया और स्थानीय नागरिकों से तालिबान के ठिकानों की पहचान करने के लिए कहा है।
तालिबान के खिलाफ एक हफ्ते पहले सैन्य अभियान की औपचारिक घोषणा के बाद शहरी क्षेत्र में युद्ध का यह नया चरण आरंभ हुआ है।
सेना ने रविवार को एक बयान में कहा कि स्थानीय लोगों की मदद से सेना न केवल इलाके पर कब्जा करके उसे सुरक्षित करेगी बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि सभी आतंकवादी पकड़े या मारे जाएं और उनके भागने की कोई संभावना नहीं रहे।
मट्टा स्वात के प्रमुख शहर मिंगोरा से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां सेना और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी हो रही है। सेना शहर में प्रवेश करने के करीब है।
सेना ने कहा कि पिछले 24 घंटे से जारी संघर्ष में 25 तालिबान आतंकवादियों और एक सैन्य अधिकारी की मौत हुई है।
सेना ने दावा किया कि अप्रैल के अंत में स्वात से लगे निचले दीर और बुनेर में जारी सैन्य कार्रवाई में अब तक 1,000 आतंकवादी और 49 सैनिकों की मौत हुई है। इस दावे की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हुई है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयुक्त एंटोनियो गुटेरस ने शनिवार को कहा कि एजेंसी ने 11.7 लाख विस्थापितों के नाम दर्ज किए हैं। तालिबान आतंकवादी भी अपनी दाढ़ी और बाल कटवाकर स्थानीय नागरिकों के भेष में इलाके से भागने की कोशिश कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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