लिट्टे : एक परिचय
कोलंबो, 17 मई (आईएएनएस)। पृथक स्वतंत्र तमिल राष्ट्र की स्थापना के लिए श्रीलंका सरकार के खिलाफ हथियारबंद लड़ाई को रविवार को बंद करने की घोषणा करने वाले संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां-
1972 : वेलुपिल्लई प्रभाकरन ने तमिल न्यू टाइगर्स का गठन किया।
1976 : प्रभाकरन ने लिट्टे का गठन किया।
1978 : पहली प्रेस विज्ञप्ति जारी की।
1983: जाफना में 13 सैनिकों की हत्या की। तमिलों के खिलाफ हिंसा ने तमिल आतंकवाद को बढ़ावा दिया।
1987: श्रीलंका के उत्तर पूर्व में तैनात भारतीय शांति सेना का मुकाबला किया। शांति सेना के करीब 1,200 जवानों की मौत के बाद वर्ष 1990 में उसे वापस बुला लिया गया।
1989-90: श्रीलंका के राष्ट्रपति रणसिंहे प्रेमदासा से वार्ता की।
1990: जाफना प्रायद्वीप पर नियंत्रण स्थापित किया। स्यंभू शासन आरंभ। समर्पण करने वाले 600 पुलिसकर्मियों की हत्या की।
1991: रक्षामंत्री रंजन विजयरत्ने को उड़ाया।
1991: लिट्टे के आत्मघाती हमलावर ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की
1992: भारत ने लिट्टे को गैर कानूनी संगठन घोषित किया।
1993: श्रीलंका के राष्ट्रपति प्रेमदासा की मई दिवस रैली के दौरान हत्या।
1994-95: राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा से वार्ता को सहमत।
1995: दिसम्बर में जाफना गंवाया।
1996: मुल्लइतिवु में सेना परिसर पर कब्जा। 72 घंटे के भीतर 1,200 सैनिकों और पुलिसकर्मियों की हत्या।
1998-99: श्रीलंका के उत्तर और पूर्व में काफी बड़े इलाके पर कब्जा किया।
2001: श्रीलंका के एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला।
2002: श्रीलंका ने नार्वे की मध्यस्थता वाले शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। शांति वार्ता आरंभ।
2003: शांति वार्ता का बहिष्कार।
2004: लिट्टे का विभाजन। पूर्वी क्षेत्र के कमांडर करुणा का हजारों कार्यकर्ताओं के साथ अलग होना।
2005: लिट्टे हमलावरों ने विदेश मंत्री लक्ष्मण कादिरगमन की हत्या की।
2006: सेना प्रमुख सरथ फोंसेका और रक्षा सचिव गोटाबाया राजपक्षे की हत्या का प्रयास।
2007: कोलंबो के नजदीक हवाई हमला। पूर्वी श्रीलंका से नियंत्रण समाप्त।
2008 : श्रीलंका ने वर्ष 2002 के युद्धविराम समझौते को ठुकराया, लिट्टे को नष्ट करने का संकल्प लिया।
2009: स्वघोषित राजधानी किलिनोच्ची सहित उत्तरी क्षेत्र में अधिकांश क्षेत्र से नियंत्रण खत्म।
17 मई 2009: लिट्टे हथियारबंद संघर्ष खत्म किया, कहा सैन्य संघर्ष का कड़वा अंत हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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