हम तोलमोल नहीं करेंगे : ममता (लीड-1)
ममता ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "सरकार शांतिपूर्ण तरीके से चले और अपने पांच वर्षो का कार्यकाल पूरा करे। सरकार गरीबों के हित में काम करे, यही मैं चाहती हूं। हम विकास, स्थायित्व, लोगों की सुरक्षा और धर्मनिरपेक्षता चाहते हैं। साथ ही बेरोजगारी की समस्या दूर करना भी हमारे एजेंडे में रहेगा।"
उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क और पानी की समस्या का हल 100 दिनों के भीतर करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार करनी होगी। यह संप्रग की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह संप्रग से अपने लिए रेल मंत्रालय की मांग करेंगी तो इसके जवाब में ममता ने कहा, "हम किसी भी प्रकार के राजनीति तोलमोल के पक्ष में नहीं हैं। हम कभी भी ऐसा नहीं करते। 1999 में मुझे जब रेल मंत्रालय मिला था तो उसका फैसला तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था।"
इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी वामपंथी मोर्चे के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता दर्ज करने के लिए ममता को बधाई दी।
बनर्जी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री ने शनिवार को फोन कर मुझे जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने हमारी जीत को ऐतिहासिक बताया।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी। उन्होंने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस से मिले समर्थन के लिए वह आभारी हैं।"
केंद्र की कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को समर्थन देने की बात दोहराते हुए ममता ने कहा, "हम मिलजुल कर काम करेंगे। मुझे इस बात की खुशी है कि संप्रग मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थन नहीं ले रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications