नवनिर्वाचित सांसदों में 150 आपराधिक रिकॉर्ड वाले
गैर सरकारी संगठन नेशनल इलेक्शन वाच (एनईडब्ल्यू) द्वारा रविवार को जारी किए गए अध्ययन में कहा गया है, "15वीं लोकसभा में 150 नवनिर्वाचित सांसद ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले लंबित पड़े हुए हैं। वर्ष 2004 के आम चुनाव में ऐसे सांसदों की संख्या 128 थी।"
एनईडब्ल्यू ने अपने अध्ययन में शनिवार को निर्वाचित घोषित किए गए 541 सांसदों में से 533 को शामिल किया है।
अध्ययन में कहा गया है, "इन 150 सांसदों में 72 के खिलाफ गंभीर मामले हैं। सबसे ज्यादा आपराधिक मामले गुजरात के पोरबंदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते विट्ठलभाई हंसराजभाई रादादिया के खिलाफ हैं। उनके खिलाफ कुल 16 मामले लंबित हैं, जिनमें से पांच मामले गंभीर प्रकृति के हैं।"
अध्ययन में कहा गया है, " आपराधिक रिकार्ड वाले सबसे ज्यादा सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबद्ध हैं। भाजपा के आपराधिक रिकॉर्ड वाले 42 सांसदों में 17 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। इसके बाद कांग्रेस के 41 सांसद आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं। इनमें से 12 कांग्रेसी सांसदों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं।"
इसके अलावा वर्ष 2009 के आम चुनाव में करोड़पति सांसदों की संख्या वर्ष 2004 के चुनाव में जीते करोड़पति सांसदों की संख्या से लगभग दोगुनी हो गई है।
अध्ययन में कहा गया है, "नई लोकसभा में 300 करोड़पति सांसद हैं। इसके ठीक विपरीत वर्ष 2004 के चुनाव में करोड़पति सांसदों की संख्या 154 थी। सबसे ज्यादा संपत्ति की घोषणा करने वाले सांसद हैं तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के नम्मा नागेश्वर राव। आंध्रप्रदेश की खम्मम सीट से चुनाव जीतने वाले राव ने 173 करोड़ की संपत्ति घोषित की है।"
अध्ययन में कहा गया है कि इसके बाद हरियाणा के कुरुक्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते नवीन जिंदल का स्थान आता है। उन्होंने 131 करोड़ की संपत्ति घोषित की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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