आजम ने सपा महासचिव पद से दिया इस्तीफा लेकिन बने रहेंगे पार्टी में (लीड-3)
रामपुर में रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आजम ने कहा, "मुझझ्े इस बात की बहुत तकलीफ है कि सपा ने सांप्रदायिक ताकतों से हाथ मिला लिया है। नेताजी (मुलायम सिंह) ने मेरा दिल दुखाया है, लेकिन मुझ्झे उनसे कोई शिकायत नहीं है। शिकायत मुझ्झे अपने आप से है कि मैंने अपने 25 साल और पूरी जवानी सपा के नाम समर्पित कर दी। मैंने दिमाग के बजाय दिल से राजनीति की।"
आजम ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भेज दिया है। सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे आजम ने साफ किया कि उन्होंने पार्टी के महासचिव और संसदीय बोर्ड के सदस्य के पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी से नहीं।
कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर आजम ने कहा कि अच्छा पहलवान कभी पाला नहीं बदलता है। वह एक दांव हमेशा रोक कर रखता है। उन्होंने कहा कि वक्त आने पर वह दांव सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अब मंथन करेंगे कि उन्हें आगे क्या करना है।
आजम ने कहा कि कल्याण सिंह बाबरी मस्जिद के हत्यारे हैं। उन्हें मुसलमान कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कल्याण से दोस्ती के कारण मुसलमानों में सपा को लेकर नाराजगी है। इस चुनाव में सपा के किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार का चुनाव न जीतना इसका सबूत है।
आजम ने कहा कि रामपुर में जयाप्रदा के अश्लील पोस्टर और सीडी बंटवाकर उन्हें कलंकित करने की साजिश रची गई। उन्होंने जोर दिया कि सबको पता है कि सीडी बनवाने में किस राजनेता को महारथ हासिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर में चुनाव के दौरान विजयी उम्मीदवार की तरफ से 500 करोड़ रुपये के काले धन का इस्तेमाल किया गया।
आजम ने कहा कि अश्लील सीडी और पोस्टर बंटवाने वाले चेहरों को सामने लाने और चुनाव के दौरान 500 करोड़ रुपये के काले धन के इस्तेमाल की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच के लिए वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखेंगे।
इधर दिल्ली में पार्टी के एक अन्य महासचिव अमर सिंह ने कहा कि आजम खान बड़े भाई समान हैं इसलिए उन्होंने उन्हें माफ कर दिया है। सिंह ने कहा, "आजम खान ने पार्टी के लिए पूर्व में बहुत कुछ किया है। उन्होंने अपनी बातें सार्वजनिक कर गलती की। उन्हें कोई गिला शिकवा भी था तो उसे पार्टी मंच पर कहना चाहिए था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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