चुनाव नतीजों की समीक्षा करेंगी वामपंथी पार्टियां (लीड-1)
वामपंथी पार्टियों की रविवार को यहां आयोजित बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया है, "लोकसभा चुनाव के नतीजों के आलोक में यह तय किया गया है कि सभी वामपंथी पार्टियां अपनी हार के कारणों की समीक्षा करेंगी। इसके बाद सभी वामपंथी पार्टियां इस मुद्दे पर कोई सामूहिक निर्णय लेंगी कि इस स्थिति से कैसे उबरा जाए और आगे बढ़ा जाए।"
बैठक में हिस्सा लेने वाले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक (एआईएफबी) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के शीर्ष नेताओं ने एक बयान में कहा है कि वामपंथी पार्टियां संसद में एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएंगी।
बैठक में माकपा नेता प्रकाश करात व सीताराम येचुरी, भाकपा नेता ए.बी. बर्धन व डी. राजा, फारवर्ड ब्लॉक नेता देबब्रत बिस्वास व जी.देवराजन तथा आरएसपी नेता चंद्रचूड़न ने हिस्सा लिया। बैठक माकपा मुख्यालय में हुई।
बयान में यह भी कहा गया है कि वामपंथी पार्टियां गैर कांग्रेस, गैर भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) पार्टियों के साथ अपना सहयोग बनाए रखेंगी।
ज्ञात हो कि वामपंथी पार्टियों को वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में अपने गढ़ पश्चिम बंगाल व केरल में भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार वामपंथी पार्टियां मात्र 24 सीटें ही जीत पाई हैं। जबकि वर्ष 2004 के आम चुनाव में वामपंथी पार्टियों ने सर्वोत्तम प्रदर्शन किया था और 59 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications