आंध में वाईएसआर और कांग्रेस की साख ने किया कमाल
हैदराबाद, 17 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने लगातार दूसरी बार जनादेश हासिल कर एक इतिहास कायम किया है। पिछले तीन दशकों में यह पहला मौका है जब पार्टी को लगातार दूसरी बार राज्य में सरकार बनाने का मौका मिला है। यह परिणाम मुख्यमंत्री वाई.एस राजशेखर रेड्डी के सराहनीय कामकाज और कांग्रेस की साख का नतीजा है।
पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 157 सीटें हासिल कर सामान्य बहुमत प्राप्त कर लिया है। पार्टी ने न सिर्फ विधानसभा चुनाव में उम्मीद से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया, बल्कि लोकसभा की कई सीटें भी अपनी झोली में कीं।
पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार पार्टी ने चार ज्यादा सीटें जीती हैं। वैसे, विधान सभा चुनाव में उसे 30 सीटों का नुकसान जरूर हुआ है। इसके बावजूद सत्ता की चाबी उसके हाथ में है। पार्टी ने 80 के दशक में एन.टी रामाराव द्वारा तेलुगू देशम पार्टी(तेदेपा) के गठन के बाद लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का मौका पहली बार हासिल किया है।
इस बार के चुनावी नतीजे से राजनीतिक पंडित भी हैरत में हैं। इनमें से कई ने त्रिशंकु विधानसभा की संभावना जताई थी, जबकि कुछ ने तेदेपा के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना जताई थी। दोनों तरह की कयासबाजी हवाई साबित हुई। इसका श्रेय अगर किसी को जाता है तो वह हैं राजशेखर रेड्डी।
रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू की तेदेपा और ग्लैमर के पायदान से होते हुए राजनीति के गढ़ में प्रवेश करने वाले फिल्म स्टार चिरंजीवी की पार्टी प्रजा राज्यम पार्टी(पीआरपी) समेत पूरे विपक्ष को मात दे दी।
रेड्डी ने सुलझे नेतृत्व का परिचय देते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को जमकर भुनाया। उन्होंने केंद्र की कांग्रेसनीत गठबंधन सरकार की साख और कामकाज का हवाला देकर कांग्रेस के पक्ष में जनता को गोलबंद करने में कामयाबी पाई। कांग्रेस को भरोसेमंद पार्टी के तौर पर पेश कर विरोधी दलों की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा कर दिया। नतीजा पार्टी के पक्ष में गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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