नवजोत सिद्धू की जीत का अंतर खिसका
अमृतसर लोकसभा सीट से हालांकि वे दोबारा चुनाव जीत गए हैं, लेकिन इस बार जीत का अंतर खिसक कर काफी नीचे आ गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी सिद्धू अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रत्याशी ओम प्रकाश सोनी से मात्र 7,332 मतों से शनिवार को निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
राजनीति में आने के बाद सिद्धू ने वर्ष 2004 के आम चुनाव में इस सीट से पहली बार चुनाव लड़ा था और लगभग 110,000 मतों से जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और इस सीट से छह बार सांसद रहे रघुनंदन लाल भाटिया को पराजित किया था।
गैर इरादतन हत्या के मामले में पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा दिसंबर 2006 में दोषी ठहराए जाने के बाद सिद्धू ने अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन फरवरी 2007 में हुए उपचुनाव में वह फिर निर्वाचित घोषित किए गए थे। इस बार उनके जीत का अंतर खिसक कर 77,000 मत पर आ गया था।
लेकिन वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उनके जीत के अंतर में सीधे 70,000 मत की कमी आ गई है। अब उनके समर्थकों को उनकी वास्तविक लोकप्रियता को लेकर ही आश्चर्य होने लगा है।
दरअसल, सिद्धू की अपने संसदीय क्षेत्र और संसद से लगातार अनुपस्थिति ने उन पर सवाल खड़े कर दिया है, जबकि टीवी कार्यक्रमों में वह लगातार अपने अंदाज में उपस्थित रहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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