प्रधानमंत्री की कार्य योजना में आर्थिक विकास पर रहेगा बल (लीड-1)
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक एक बार सरकार का गठन हो जाने के बाद वह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश देंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ सहायक ने आईएएनएस को बताया, "निरंतरता बनाए रखने के लिए संभव है कि मंत्रियों को वही मंत्रालय सौंपे जाएं जिनमें वह पहले काम कर रहे थे।"
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के एक सदस्य ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, "चूंकि सीमेंट, कपड़ा और विनिर्माण सेक्टर सुधार में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं इसलिए इनमें रोजगार की संभावनाएं भी पैदा की जाएंगी। हीरा और कपड़ा उद्योग में बेरोजगारी पर ध्यान दिया जाएगा।"
इसके अलावा चूंकि यह अप्रत्याशित जनादेश कल्याणकारी नीतियों की वजह से भी मिला है अत: ग्रामीण विकास, कृषि और स्वास्थ्य सेक्टरों में सरकार अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाएगी।
कार्ययोजना के संभावित मुख्य बिंदु:
- अर्थव्यवस्था को और प्रोत्साहन और 9-10 फीसदी की विकास दर सुनिश्चित करना।
- बेरोजगारी दूर करने की योजना विशेष रूप से कपड़ा और हीरा क्षेत्र में।
- सामाजिक सेक्टर में कल्याण योजनाओं पर जोर।
- कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की तैयारी।
- सुरक्षा और खुफिया तंत्र के और आधुनिकीकरण की योजना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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