लिट्टे का खूनी अभियान अंत करने का फैसला (लीड-1)
संगठन की ओर से तमिलनेट वेबसाइट पर एक बयान जारी किया गया है जिसमें इस निर्णय का जिक्र है। संगठन ने इस बयान में कहा कि तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में उसके द्वारा वर्षो से जारी सशस्त्र संघर्ष का कड़वा अंत हो गया है।
बयान में कहा है, "इस जंग का कड़वा अंत हो गया है। हमने अपनी बंदूकों को अब खामोश रखने का फैसला कर लिया है।"
यह बयान संगठन के अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रमुख एस. पठमनथन ने जारी किया है। श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे द्वारा लिट्टे की हार की आधिकारिक घोषणा के बाद लिट्टे की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है, "हमें लोगों के मारे जाने का अफसोस है। हम इस संघर्ष को अंजाम तक पहुंचाने में असफल रहे।"
वैसे, इस बयान में प्रभाकरन के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। देश में यह अफवाह जोर पकड़ रही है कि प्रभाकरन अब इस दुनिया में नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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