जरदारी ने विदेशी मदद की गुहार लगाई
ब्रिटेन द्वारा पाकिस्तान को हाल ही में दी गई 1.2 करोड़ पाउंड की आपात सहायता को 'ऊंट के मुंह में जीरा' करार देते हुए जरदारी ने कहा कि उन्हें पश्मिोत्तर पाकिस्तान में तालिबान की दहशतगर्दी के कारण शरणार्थी बने लाखों लोगों की परवरिश के लिए कम से कम एक अरब डालर की रकम की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस आंतरिक शरणार्थी समस्या का अगर ठोस समाधान नहीं निकला तो उनकी सरकार के खिलाफ असंतोष भड़क उठेगा। इससे नई मुसीबत पैदा हो जाएगी।
उन्होंने द संडे टाइम्स अखबार के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, जिनके समाधान के लिए व्यापक मदद की जरूरत है।
जरदारी ने कहा, "इस क्षेत्र में तालिबान के नियंत्रण वाले मदरसों की मजहबी शिक्षा प्रणाली की काट निकालते हुए बच्चों को आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए हर साल अलग से दो अरब डॉलर की जरूरत है। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ जंग में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों की खरीदारी के लिए अलग से वित्तीय संसाधन चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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