पंजाब में मनमोहन की छवि से कांग्रेस को लाभ
चंडीगढ़, 17 मई (आईएएनएस)। भले ही डा. मनमोहन सिंह ने इस लोकसभा चुनाव में पंजाब से अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं की हो, लेकिन राज्य में ऐसे मतदाताओं की अच्छी तादाद है जिन्होंने इस सौम्य और स्वच्छ छवि वाले प्रधानमंत्री के कामकाज को ध्यान में रखते हुए उनकी पार्टी के पक्ष में एकजुटता दिखाई।
मनमोहन सिंह और उनकी सरकार की नीतियों को ध्यान में रखकर कई मतदाताओं ने कांग्रेसी उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाले। कांग्रेस और मनमोहन सिंह के खिलाफ प्रचार अभियान चलाने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति(एसजीपीसी) ने कई बार राजनीतिक मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का भी ख्याल नहीं रखा। यह संगठन मनमोहन सिंह के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप पर पर भी उतर आया। संगठन के प्रमुख अवतार सिंह मक्कर ने एक बयान में यहां तक कह डाला कि मनमोहन सिंह सिख भी नही हैं।
युवाओं और शहरी पंजाबियों ने मनमोहन सिंह की स्वच्छ छवि को ध्यान में रखकर वोट दिए। पंजाब के डेरा बस्सी इलाके के एक व्यापारी जसपाल भल्ला आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहते हैं,"पूरे सिख समुदाय के लिए यह गर्व की बात है कि इस समुदाय का कोई व्यक्ति देश की नियति संवार रहा है। सिख भलेही इस देश की आबादी के 2 फीसदी ही हैं, पर इस समुदाय का एक व्यक्ति पिछले कई सालों से इतने महत्वपूर्ण ओहदे पर रहते हुए देश की सेवा कर रहा है।"
पंजाब के संगरूर के रहने वाले हरमनजीत देओल कहते हैं, "हम भाजपा के कट्टर समर्थक हुआ करते थे, पर बार हमने कांग्रेस का समर्थन किया है, क्योंकि केंद्र की कमान मनमोहन सिंह संभाल रहे हैं। उनकी नीति और विचारधारा भारत को और ऊंचाई पर ले जाएंगी। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इस अनुभवी नेता की सूझबूझ के कायल बन गए हैं।"
लुधियाना स्थित शेयर कारोबारी गुंजन सिद्धू का कहना है कि मनमोहन सिंह भारत की तकदीर संवारने का काम कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में वोट दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications