मध्य प्रदेश की राजनीति में सिंधिया परिवार का रुतबा बरकरार
प्रदेश की कुल 29 में से पांच सीटों पर चार पूर्व राजघरानों के प्रतिनिधियों ने चुनाव लड़ा। गुना से केन्द्रीय राज्य मंत्री तथा कांग्रेस उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा ग्वालियर उनकी बुआ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार यशोधरा राजे सिंधिया चुनाव मैदान में थीं। इसके अलावा राजगढ़ राजघराने के प्रतिनिधि तथा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह भाजपा के टिकट पर जबकि रीवा राजघराने के पुष्पराज सिंह समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार के रूप चुनाव मैदान में उतरे। केन्द्रीय मंत्री अर्जुन सिंह की बेटी और बैढ़न राजघराने से नाता रखने वाली वीणा सिंह ने सीधी से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ा।
सिंधिया परिवार के दोनों प्रतिनिधि ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया तथा गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया जीत हासिल करने में सफल हुए जबकि शेष तीनों को हार का सामना करना पड़ा। राजगढ़ से लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा वहीं रीवा में पुष्पराज सिंह और सीधी से वीणा सिंह तो पूरी तरह मुकाबले से ही बाहर रहे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा को 250,000 मतों से हराया जो पिछले चुनाव से तीन गुना अधिक है। यशोधरा की जीत का अंतर घटा है वह इस बार 26 हजार वोटों के अंतर से जीतने में सफल हुईं जो पिछले चुनाव की तुलना में लगभग 10,000 कम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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