मध्य प्रदेश में जनता को नए चेहरे आए रास
प्रदेश के 29 संसदीय क्षेत्रों में से 16 भारतीय जनता पार्टी, 12 कांग्रेस और एक बहुजन समाज पार्टी के खाते में गया है। भाजपा ने पिछले चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 25 में से 15 सांसदों को एक बार फिर मैदान में उतारा था मगर उनमें से सिर्फ सात ही फिर से संसद तक पहुंचने में कामयाब हो सके। शेष नौ नए चेहरे हैं जिन्हें जनता ने पसंद किया है।
भाजपा की ओर से भोपाल से कैलाश जोशी, इंदौर से सुमित्रा महाजन, ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया, भिंड से अशोक अर्गल, जबलपुर से राकेश सिंह, टीकमगढ़ से वीरेन्द्र कुमार खटीक और सतना से गणेश सिंह ही फिर से जीत हासिल कर पाए हैं जबकि उज्जैन से सत्य नारायण जटिया, खंडवा से नन्द कुमार सिंह चौहान, देवास से थावर चंद गहलोत, मंडला से फग्गन सिंह कुलस्ते, मंदसौर से डा़ लक्ष्मीनारायण पांडे, रीवा से चंद्र मणि त्रिपाठी और होशंगाबाद से राम पाल को जनता ने नकार दिया है।
भाजपा ने इस चुनाव में जिन 14 नए चेहरों पर दाव लगाया था उनमें से नौ जीतने में सफल हुए है। इनमें विदिशा से सुषमा स्वराज, दमोह से शिवराज भैया, बालाघाट से क़े डी़ देशमुख, बैतूल से ज्योति धुर्वे, खजुराहो से जितेन्द्र सिंह, खरगौन से माखन सिंह सोलंकी, मुरैना से नरेन्द्र सिंह तोमर, सागर से भूपेन्द्र सिंह और सीधी से गोविन्द प्रसाद मिश्रा प्रमुख है।
वहीं कांग्रेस की ओर से मैदान में उतारे गए चारों सांसद छिन्दवाडा से कमलनाथ, गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, रतलाम से कान्तिलाल भूरिया और खंडवा से अरुण यादव जीत दर्ज करने में सफल हुए हैं। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए दमोह के सांसद चन्द्रभान लोधी को हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा शेष आठ स्थानों पर कांग्रेस के नए चेहरों ने बाजी मारी है। कांग्रेस की उम्मीदों पर उज्जैन से प्रेम चन्द्र गुड्डू, देवास से सज्जन वर्मा, धार से गजेन्द्र सिंह राजूखेड़ी, मंडला से बसोरी सिंह, मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन, राजगढ़ से नारायण सिंह अमलावे, शहडोल से राजेश नंदनी और होशंगाबाद से उदय प्रताप सिंह खरे उतरे है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications