अमेरिका से गुपचुप बातचीत कर रहा है लिट्टे!
नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। श्रीलंका में लगभग खात्मे के करीब पहुंच चुके तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के विद्रोही संभवत: सेना से चौतरफा घिर चुके अपने नेताओं को बचाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका से बातचीत कर रहे हैं।
जानकारी मुताबिक लिट्टे किसी ऐसे फामूर्ले पर काम कर रहा है, जिससे उसकी सैन्य ताकत बची रह सके। इसके लिए लिट्टे के वरिष्ठ सदस्यों ने अमेरिका से संपर्क स्थापित किया है।
आईएएनएस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि नार्वे लगातार लिट्टे से संपर्क बनाए हुए है। नार्वे ने ही पहले श्रीलंका सरकार और लिट्टे के बीच वार्ताकार की भूमिका निभाई थी।
लिट्टे के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के प्रमुख एस.पथमंथन पश्चिमी देशों के कुछ राजनयिकों से संपर्क में हैं। राजनयिक सूत्रों मे इसकी पुष्टि भी की है लेकिन यह पता नहीं चल सका है कि पथमंथन यह कदम किसके निर्देश पर उठा रहा है।
इस सारे घटनाक्रम के संबंध में एक सूत्र ने बताया, "यदि हमें यह सूचना मिलती है कि वे (लिट्टे) आत्मसर्मपण के लिए तैयार हैं तो उनके लिए कुछ व्यवस्था की जा सकती है लेकिन अब समय काफी कम है। इसके लिए बहुत देर हो चुकी है।"
लिट्टे के वरिष्ठ सदस्य इस व्यवस्था में लगे हैं कि संगठन के प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन सम्मानित तरीके से निकाला जाए। लिट्टे का कहना है कि इस कार्य में यदि कोई देश उनकी सहायता कर सकता है तो वह अमेरिका ही है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने लिट्टे को आतंकवादी गुट करार दिया है। इसके बावजूद लिट्टे अपने पश्चिमी मध्यस्थों की सहायता से अपनी बात अमेरिका तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 13 मई को श्रीलंका से अपील की थी वह 'अंधाधुंध गोलीबारी' बंद करे, जिसमें कई निर्दोष मारे गए थे। उन्होंने लिट्टे से भी हथियार डालने के लिए कहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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