सहजता में छिपा है नवीन पटनायक का करिश्मा
भुवनेश्वर, 17 मई (आईएएनएस)। वह अपनी मातृभाषा उड़िया भी खास सहजता से नहीं बोल पाते। वह बहुत कम बोलते हैं और अक्सर खामोश रहते हैं लेकिन इन लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अर्जित सफलता ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को देश के सर्वाधिक करिश्माई नेताओं की जमात में खड़ा कर दिया है।
बीजू जनता दल (बीजद) के इस 62 वर्षीय नेता ने न केवल राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने में सफलता पाई बल्कि इस बार वह ऐसा अपने बूते करने में कामयाब रहे।
उनकी पार्टी ने इस बार विधानसभा की 147 में 100 से अधिक तथा लोकसभा की 21 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की जबकि इससे पिछले चुनाव में पार्टी को क्रमश: 61 व 11 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
मार्च में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के बाद पटनायक राज्य में शांति और विकास को मुद्दा बनाने में कामयाब रहे।
उल्लेखनीय है कि राज्य में गत वर्ष फैली हिंसा के बाद ही राजग से उनके रिश्तों में खटास महसूस की जाने लगी थी। राज्य में गत वर्ष फैली सांप्रदायिक हिंसा में 38 लोगों की मौत हुई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक उनके विरोधी आर्थिक मंदी तथा अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने में नाकामयाब रहे। इतना ही नहीं वह उनका कोई विकल्प पेश करने में भी नाकामयाब रहे।
उल्लेखनीय है कि पटनायक के कार्यकाल के दौरान राज्य भारी मात्रा में विदेशी पूंजी निवेश आकर्षित करने में कामयाब रहा।
पार्टी महासचिव दामोदर राउत ने कहा, "कम से कम 55 लाख लोगों को राज्य सरकार की दो रुपये किलो चावल वाली योजना से लाभ मिल रहा है।"
इन सबसे इतर पटनायक की साधारण छवि, ईमानदारी और काम के प्रति उनके समर्पण ने भी लोगों में उन्हें लोकप्रियब बनाया है।
चुनाव के दौरान दिन में 11 घंटे तक अभियान चलाने वाले पटनायक पूरा समय सफेद कुर्ते और हवाई चप्पल में समय बिता देते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications