यूपीए की वापसी से उद्योग जगत ख़ुश

विभिन्न उद्योग संगठनों ने इस जीत को विकास के लिए सकारात्मक बताते हुए उम्मीद ज़ाहिर की है कि सरकार आर्थिक विकास के लिए और क़दम उठाएगी और व्यापार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करेगी.
भारतीय उद्योग संस्था एसोचैम ने लोकसभा के नतीजों को विकास की जीत कहा है.
वाणिज्य और उद्योग परिसंघ फ़िक्की ने उम्मीद जताई है कि दोबार नौ प्रतिशत विकास दर हासिल करने के लिए नई सरकार बड़े पैमाने पर आर्थिक सुधारों के दरवाज़े खोलेगी.
जबकि पीएचडी चैंबर को भी उम्मीद है इस जनादेश से स्थिर सरकार बनेगी, जिससे व्यापार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार होगा.
एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि जनता ने विकास के लिए वोट दिया है.
जिंदल ने उम्मीद जताई है कि यूपीए की सरकार समग्र विकास और बेहतर कॉर्पोरेट प्रशासन के लिए अपने सामाजिक और आर्थिक प्रगति के एजेंडे को जारी रखेगी.
सज्जन जिंदल को लगता है कि मतदाताओं ने यूपीए को उनके भारत निर्माण और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी जैसे कार्यक्रमों की वजह से चुना है.
'विकास की जीत'
बदलते आर्थिक माहौल में सम्रग निर्णय लेने की ज़रूरत है ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके और अगले छह महीनों में विकास दर को कम से कम नौ प्रतिशत पर पहुँचाया जा सके. फिक्की के अध्यक्ष हर्षपति सिंघानिया
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फ़िक्की के अध्यक्ष हर्षपति सिंघानिया ने अपनी प्रतिक्रिया में है, "मतदाताओं ने स्थिरता, निरंतरता, विकास और आर्थिक प्रगति के लिए स्पष्ट जनादेश दिया है."
उन्होंने कहा है कि यूपीए की जीत से दुनिया में सकारात्मक संदेश गया है कि भारतीय लोकतंत्र पूरी तरह से कार्य कर रहा है और मतदाताओं ने परिपक्वता का परिचय दिया है.
सिंघानिया का कहना है, "बदलते आर्थिक माहौल में सम्रग निर्णय लेने की ज़रूरत है ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके और अगले छह महीनों में विकास दर को कम से कम नौ प्रतिशत पर पहुँचाया जा सके."
वहीं पीएचडी चैंबर ने भी उम्मीद जताई है कि नई सरकार आर्थिक सुधार को तेज़ी से आगे बढ़ाएगी.


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