वाजपेयी के नाम पर दो अटल कीर्तिमान

वाजपेयी देश के एक मात्र ऐसे राजनेता हैं, जो चार राज्यों के छह लोकसभा क्षेत्रों की नुमाइंदगी कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बलरामपुर, गुजरात के गांधीनगर, मध्यप्रदेश के ग्वालियर और विदिशा तथा दिल्ली के नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतने का कीर्तिमान वाजपेयी के ही नाम है।
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वाजपेयी के नाम दूसरा कीर्तिमान तो काफी दिलचस्प है। वाजपेयी वर्ष 1957 में पहली बार चुनाव लड़े थे। तब उन्होंने उत्तर प्रदेश के तीन संसदीय क्षेत्रों लखनऊ, बलरामपुर और मथुरा से चुनाव लड़ा था। बलरामपुर से तो जीतकर वह लोकसभा में पहुंच गए थे, पर लखनऊ और मथुरा में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। मथुरा में तो उनकी जमानत भी नहीं बच पाई थी।
सन 1971 में पांचवें आम चुनाव में वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से चुने गए। आपातकाल के बाद हुए 1977 और फिर 1980 के मध्यावधि चुनाव में उन्होंने नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 1991 के आम चुनाव में वह लखनऊ और विदिशा से चुनाव लड़े और दोनों ही जगह से जीते। बाद में उन्होंने विदिशा सीट खाली कर दी।
1996 में हवाला कांड में अपना नाम आने के कारण लालकृष्ण आडवाणी ने चुनाव नहीं लड़ा और उनके गांधीनगर निर्वाचन क्षेत्र के साथ ही लखनऊ से भी वाजपेयी ने ही चुनाव लड़ा और दोनों ही जगहों से जीते भी। 1998 और 1999 के चुनाव उन्होंने लखनऊ से ही लड़े और जीते। 1957 से लेकर 1999 तक के बीच वाजपेयी सिर्फ 1962, 1967 और 1984 में हुए लोकसभा चुनाव ही हारे। 1962 और 1984 में तो वह राज्यसभा के माध्यम से संसद में पहुंचे, जबकि 1967 में लोकसभा का उपचुनाव जीतकर संसद में पहुंचे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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