राष्ट्रपति संविधान विशेषज्ञों से मिलने की तैयारी में
राष्ट्रपति कार्यालय में नियुक्त विशेष कार्य अधिकारी अर्चना दत्ता ने आईएएनएस को बताया, "राष्ट्रपति आज शाम 5.30 बजे पूर्व अटार्नी जनरल अशोक देसाई से मुलाकात करेंगी।"
दत्ता ने बताया कि राष्ट्रपति अगले कुछ दिनों में अन्य संविधान विशेषज्ञों से भी मुलाकात करेंगी। इनमें फाली एस. नरीमन और सोली सोराबजी शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता और संविधान विशेषज्ञ अनिल दीवान ने आईएएनएस को बताया, "यह राष्ट्रपति पर निर्भर करता है कि वह अकेली सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देती हैं या सबसे बड़े चुनाव पूर्व गठबंधन को।"
संविधान इस मामले में खामोश है कि खंडित जनादेश की स्थिति में किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। दीवान ने कहा कि यह राष्ट्रपति पर निर्भर करता है कि वह किसे स्थिर सरकार बनाने के योग्य समझती हैं।
एक अन्य संविधान विशेषज्ञ के.के. वेणुगोपाल के मुताबिक दो ही रास्ते हैं या तो राष्ट्रपति सबसे बड़े इकलौते दल को आमंत्रित करें या फिर सबसे बड़े चुनाव पूर्व गठबंधन को।
परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति इन दोनों में से किसी एक को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर निर्धारित अवधि में बहुमत साबित करने को कह सकती हैं संयोगवश दोनों में कोई बहुमत साबित नहीं कर पाता तो नए चुनावों के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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