अमेरिकी हमले में 140 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि
3 मई को हुए हमले को वर्ष 2001 में अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ कार्रवाई शुरू के बाद का सबसे भीषण अमेरिकी हमला माना जाता है।
यह हमला फराह प्रांत के बाला बुलोक जिले के गेरानी गांव में हुआ था। तालिबान के हमले से निपटने में अफगानी सैनिकों द्वारा मदद मांगे जाने के बाद अमेरिकी युद्धक विमानों ने यह हमला शुरू किया था।
इस घटना के खिलाफ व्यापक प्रतिक्रिया को देखते हुए राष्ट्रपति हामिद करजई ने इसकी जांच का आदेश दिया था। एक अफगानी जनरल के नेतृत्व में जांच टीम ने इस घटना स्थल का दौरा कर इसकी जांच की थी।
गांववालों से गहन पूछताछ और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस हमले में अमेरिका ने रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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