प्रतिक्रियाएं : राजग, राजद व वाम दलों ने चूक स्वीकारी (लीड-2)

इधर, संप्रग के 'घटक दल' राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति ने हार स्वीकार करते हुए कहा है कि कांग्रेस के साथ तालमेल नहीं कर पाना उनकी बड़ी भूल थी, जबकि मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित वामपंथियों ने हार स्वीकार करते हुए परिणामों की समीक्षा करने की बात कही है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ पर उनसे मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा, "धर्मनिरपेक्ष और स्थायी सरकार बनाना हमारी प्रतिबद्धता है।"

उन्होंने कहा, "मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि वे पुराने मतभेदों को भुलाकर एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन में अपना योगदान दें। हमें एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहना चाहिए।" प्रधानमंत्री ने कहा कि वह चाहतें हैं कि राहुल गांधी मंत्रिमंडल में शामिल हों।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी को भारी सफलता दिलाने के लिए देश की जनता को बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनमोहन सिंह ही नई सरकार में प्रधानमंत्री होंगे। सोनिया ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "देश की जनता ने हमेशा सही पसंद को चुना है।"

राहुल गांधी को भावी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "इस बारे में कोई भी फैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह लेंगे।"

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी के इतने खराब प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी। सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "भाजपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। हमने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जिस सफलता की उम्मीद की थी, वैसा हो नहीं सका। इसके कारणों पर बाद में चर्चा की जाएगी।"

इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि उनकी पार्टी की रणनीति में कोई न कोई कमी जरूर रह गई जिस वजह से उनके पक्ष में नतीजे नहीं आए। उन्होंने कहा, "जनता का फैसला हमें मंजूर है। पूरा चुनाव परिणाम आने के बाद हम इस पर विचार करेंगे कि नतीजे हमारे उम्मीदों के मुताबिक क्यों नहीं रहे।"

चुनाव परिणामों से सबसे ज्यादा झटका वामपंथी दलों को लगा है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि 545 सदस्यीय लोकसभा में वामदलों के सांसदों की संख्या इस बार 25 के नीचे रहने की आशंका है। वर्ष 2004 के चुनाव में वामदलों को 60 से अधिक सीटों पर विजय मिली थी। करात ने स्वीकार किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनावी समर में विजयी रहे हैं।

लिखित बयान पढ़ते हुए करात ने कहा, "माकपा और वामदलों को इस चुनाव में भारी झटका लगा है। पार्टी के खराब प्रदर्शन की गंभीरता से समीक्षा करने की जरूरत है।" करात ने कहा कि पोलित ब्यूरो दो पारंपरिक गढ़ों पश्चिम बंगाल और केरल में पार्टी के कमजोर होने के कारणों की समीक्षा करेगी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव ए.बी.बर्धन ने कहा कि हमेशा की तरह वह विपक्ष में बैठेंगे और गरीब लोगों के हितों के लिए लड़ते रहेंगे। बर्धन ने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस विजयी हुई है और वह इस समय सरकार बनाने की स्थिति में है। उनको हमारे समर्थन की क्या आवश्यकता है? अपने पूरे जीवन में हम विपक्ष में रहे और हम विपक्ष में ही रहेंगे।"

पटना में राजद अध्यक्ष एवं रेल मंत्री लालू प्रसाद ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार स्वीकार करते हुए उन्होंने कई गलतियां की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से सीट बंटवारे को लेकर तालमेल नहीं करना सबसे बड़ी राजनीतिक भूल थी।

हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से हार का मुंह देखने वाले लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि राजनीति में हार-जीत लगी रहती है। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास के लिए मतदान किया।

पासवान ने संवाददाताओं से कहा, "हार-जीत लगी रहती है। जनता ने विकास के लिए मतदान किया। हाजीपुर से हमारी हार नहीं हुई है। यहां की जनता आपसे कभी यह नहीं कहेगी कि यहां विकास कार्य नहीं हुए हैं। "

जब पासवान से यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने का कारण उनकी हार हुई, तो उन्होंने कहा, "अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+