मध्य प्रदेश में चुनाव नतीजों ने बदला नेताओं का अंदाज
भोपाल 16 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के लोकसभा चुनाव में मिली हार और जीत ने नेताओं का अंदाज ही बदल दिया है। अपेक्षा के अनुरूप सफलता न मिलने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्साह जहां कुछ ठंडा पड़ा है वहीं कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी कांग्रेस की सफलता से फूले नहीं समा रहे हैं।
आम तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान का उत्साह उनके चलने और बोलने से ही झलक पड़ता है। लम्बे लम्बे कदम और उनसे तालमेल करते हाथों की रफ्तार उनकी पहचान बन गए हैं। इतना ही नहीं अपनी बात को बगैर किसी लाग लपेट के कह जाना और बीच बीच में ठहाके लगाना भी शिवराज की पहचान है, परंतु लोकसभा चुनाव के नतीजे आने पर चौहान की पहचान कहीं गुम नजर आई।
अपने आवास पर आयोजित पत्रकारों के भोज से पहले जब उन्होंने अपनी बात कहना शुरू की तो सीधी सपाट तौर पर बात कहने वाले शिवराज कहीं गुम थे। चाल में न तो वह तेजी थी और न ही अपनी बात कहने का वह अंदाज था जो उनकी पहचान है। वह पत्रकारों के हर सवाल को टालने के मूड में नजर आए और अपेक्षा के अनुरूप सफलता न मिलने का मलाल बिना कहे ही अपने चेहरे से बयां कर गए।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी आमतौर पर गंभीर नजर आते है मगर चुनाव नतीजों ने उनके गंभीर चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर दी है। कांग्रेस को मध्य प्रदेश में मिली सफलता को उनके चेहरे पर साफ तौर पर पढ़ा जा सकता है। वह इस सफलता का श्रेय खुद लेने से बच रहे है और सारा श्रेय पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी और कार्यकर्ता, संगठन तथा मतदाताओं को दे रहे हैं।
पचौरी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पहुंचने वाले हर नेता और कार्यकर्ता से पूरी आत्मीयता से मिल रहे है। सभी से हाल चाल पूछ रहे हैं और मिलने वाली बधाई का जवाब भी अपने ही अंदाज में दे रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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