भाकपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त हो सकता है
भाकपा ने 23 राज्यों में कुल 57 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। लेकिन पार्टी मात्र दो सीटें ही जीत पाई है, उसकी सीटों की संख्या अंतिम परिणामों के बाद अधिकतम पांच तक पहुंचने की उम्मीद है। उसे कुल 1.4 प्रतिशत वोट हासिल हो पाए हैं। वर्ष 2004 के चुनाव भाकपा ने केरल में तीन सीटें जीती थी, लेकिन इस बार सभी तीनों सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा है।
वर्ष 2004 के चुनाव में भाकपा ने 34 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। उनमें से 10 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई थी।
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियम के अनुसार किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए चार राज्यों में चुनाव लड़ना और कम से कम चार राज्यों में छह प्रतिशत वोट हासिल करना या फिर तीन राज्यों की कुल लोकसभा सीटों का कम से कम दो प्रतिशत सीट हासिल करना या कम से कम चार राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा हासिल होना जरूरी होता है।
भाकपा के राष्ट्रीय कार्यकारी पन्नियन रवींद्रन ने आईएएनएस को बताया, "हमें केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मणिपुर और झारखंड में राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा बरकरार रखने की उम्मीद है।"
लेकिन उन्होंने कहा कि इन राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन का आंकलन करने के बाद ही वह इस बारे में कुछ कह पाने की स्थिति में होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications