राजनाथ की अमर सिंह से मुलाक़ात

लोकसभा के खंडित जनादेश की आशंका के बीच विभिन्न पार्टियों के नेता आपस में मिल रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने अमर सिंह से फ़ोन पर बात की. हालांकि दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमर सिंह की तबीयत खराब थी, इसलिए बात की. अमर सिंह ने बताया कि दिग्विजय ने उनसे कहा कि चुनावी गहमागहमी में अगर उनकी कोई बात बुरी लगी हो तो उन्हें माफ़ करें.
सोनिया गांधी ने भी लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान से फ़ोन पर बात की. वहीं अमर सिंह और राजनाथ सिंह भी एक सामाजिक समारोह के दौरान मिले और बातचीत की. गुरुवार को भावी रणनीति तय करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लाल कृष्ण आडवाणी के घर पर पार्टी के नेताओं की बैठक हुई.
भाजपा की बैठक में शामिल होने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को बैठक से जुड़ी जानकारी देते हुए कहा कि उनकी पार्टी के नेता भावी रणनीति पर चर्चा करने के लिए जमा हो रहे हैं.ख़बरें हैं कि भाजपा और कांग्रेस कुछ छोटी पार्टियों से समर्थन के लिए बातचीत में जुटी हैं.
उधर गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता ग़ैर-भाजपा और ग़ैर-कांग्रेस सरकार का गठन करना है.दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के घर पर राजनीतिक चर्चा के बाद संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि सपा, लोजपा और राष्ट्रीय जनता दल एक साथ हैं.
अधिकतर पार्टियाँ भावी रणनीति को लेकर दिल्ली में अगल-अलग बैठकें कर रही हैं, तो कई नेता दूसरे दलों के नेताओं से मुलाक़ात कर रहे हैं.ये बैठकें इसलिए भी अहम मानी जा रही हैं क्योंकि विभिन्न मीडिया संस्थानों के एग्ज़िट पोल ने किसी भी गठबंधन या दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है.
वहीं देश के दो सबसे बड़े राजनीतिक दलों- कांग्रेस और भाजपा को भी अपने-अपने सर्वेक्षणों में खंडित जनादेश की आशंका है. ग़ौरतलब है कि भारत में पाँच चरणों में हुए लोकसभा चुनाव का मतदान समाप्त हो गया है और मतों की गिनती 16 मई को होनी है, जबकि नए संसद का गठन दो जून से पहले-पहले होना सांवैधानिक अनिवार्यता है.


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