बेघर और बीमारों के लिए उम्मीद की किरण बनी एंबुलेंस..
बेंगलुरू, 15 मई (आईएएनएस)। दो महीने पहले शहर की सड़कों पर जीवन के लिए जूझ रहे मलेरिया पीड़ित जोसेफ पी आज न केवल स्वस्थ हैं बल्कि वह कागज के लिफाफे बनाना भी सीख रहे हैं ताकि आजीविका अर्जित कर सकें।
यह संभव हुआ है ह्यूमनिटेरियन नेटवर्क नामक एक सामाजिक सेवा समूह की एंबुलेंस सेवा की मदद से। यह स्वयंसेवी संगठन समाज के गरीब और कमजोर तबके की मदद के लिए काम करता है। जोसेफ (45) भी ऐसे 800 लोगों में से एक हैं जिनका समूह की एंबुलेंसों ने बेंगलुरू की सड़कों से उठाकर इलाज कराया।
नेटवर्क के संस्थापक सदस्य, अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वी. मेलवानी ने आईएएनएस से कहा, "हमने हाल ही में एंबुलेंस सेवा शुरू की है ताकि गरीबों और जरूरतमंदों तक तत्काल चिकित्सा सेवा पहुंचाई जा सके। यह सेवा इसलिए शुरू की गई है ताकि चिकित्सकीय नेटवर्क को और विस्तृत किया जा सके।"
लगभग 10 वर्ष पहले शुरू हुए इस संगठन ने हेन्नूर में अपना पहला राहत शिविर खोला था जिसमें आज 104 लोग रह रहे हैं। पांच वर्ष पहले संगठन ने बóोरघट्टा रोड में एक अस्पताल भी खोला जहां आज करीब 110 लोगों का इलाज किया जा रहा है।
नेटवर्क की एंबुलेंस सर्विस टीम में 12 सदस्य हैं जिनमें एक चिकित्सक तथा तीन चिकित्सा सहायकों के अलावा सहायक, नर्स और वाहन चालक शामिल हैं। यह टीम एंबुलेंस पर शहर के अलग अलग इलाकों में घूमती है और सड़कों पर पड़े जरूरत मंद लोगों को उठाती है।
मेलवानी ने बताया, "दरअसल असली इलाज तो हमारे अस्पताल में होता है। एंबुलेंस तो जरूरतमंदों को वहां तक ले जाने के काम आती है। उसमें जरूरी चिकित्सा सुविधाएं जैसे कि स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर और प्राथमिक चिकित्सा सहायता बॉक्स होता है।"
उन्होंने बताया कि संस्था हेल्पलाइन नंबर (080-25228000 और 9739544444 ) भी चलाती है ताकि जरूरतमंदों की मदद के लिए संस्था से संपर्क साधा जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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